हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद महासमुंद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बिरकोनी में कोटवार पद पर नई नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन पूरी प्रक्रिया में मेरिट सूची जारी न होने और चयन के स्पष्ट मापदंड सामने न आने से ग्रामीणों और आवेदकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
तहसील कार्यालय द्वारा आवेदन आमंत्रित करने के बाद सभी प्राप्त आवेदनों के नाम ग्राम पंचायत को भेज दिए गए हैं और पंचायत से इस पर प्रस्ताव मांगा गया है। इसी के साथ यह सवाल उठने लगा है कि जब कोई मेरिट सूची या स्पष्ट रैंकिंग जारी ही नहीं की गई है, तो चयन आखिर किस आधार पर किया जाएगा।
18 आवेदकों ने किया आवेदन
सूत्रों के अनुसार, तहसीलदार न्यायालय महासमुंद द्वारा 11 मार्च 2026 को इस पद के लिए ईश्तहार जारी किया गया था। इसमें 30 मार्च 2026 तक इच्छुक अभ्यर्थियों को स्वयं या अपने विधिक प्रतिनिधि के माध्यम से आवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। गांव में मुनादी के जरिए जानकारी दी गई थी कि 12वीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।
निर्धारित समय सीमा तक कुल 18 लोगों ने कोटवार पद के लिए आवेदन किया है। इसके बाद सभी आवेदकों के नामों को चरित्र सत्यापन के लिए पुलिस विभाग को भेजा गया है।
पंचायत के प्रस्ताव पर टिकी नजरें
अब तहसील कार्यालय ने सभी आवेदकों की सूची ग्राम पंचायत बिरकोनी को भेजकर प्रस्ताव देने को कहा है। पंचायत स्तर पर बैठक आयोजित कर नामों पर विचार किया जाएगा और किसी एक या अधिक नामों को आगे की प्रक्रिया के लिए अनुशंसित किया जाएगा।
हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि पंचायत किन आधारों पर किसी नाम को प्रस्तावित करेगी—क्या शैक्षणिक योग्यता, सामाजिक स्थिति, चरित्र सत्यापन या अन्य स्थानीय मापदंड इसके आधार होंगे, इस पर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, क्योंकि कुछ पंच सदस्यों के परिजनों द्वारा भी आवेदन किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
वर्तमान स्थिति में न तो कोई मेरिट सूची जारी की गई है और न ही चयन के स्पष्ट अंक या मानक बताए गए हैं। ऐसे में पूरा चयन अब ग्राम पंचायत के प्रस्ताव और प्रशासनिक निर्णय पर निर्भर करता दिख रहा है।
ग्रामीणों में बढ़ी उत्सुकता
गांव में इस प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज है। आवेदक और ग्रामीण दोनों ही इस बात को लेकर उत्सुक हैं कि आखिर किसका नाम प्रस्तावित किया जाएगा और कोटवार पद पर अंतिम नियुक्ति किस आधार पर होगी।
फिलहाल पूरा मामला पंचायत की बैठक और उसके निर्णय पर टिका हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

