लभराखुर्द गांव में कुएं से मिले अज्ञात शव के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि मृतक के पिता और नाबालिग भाई ने ही मिलकर उसकी हत्या की थी। वारदात के बाद दोनों ने शव को बोरी में भरकर कुएं में फेंक दिया था ताकि पहचान छिपाई जा सके।
कुएं में तैरती बोरी ने खोला था मौत का राज
9 अप्रैल 2026 को मुर्गी फार्म और जंगल से लगे एनीकट के कुएं में एक प्लास्टिक बोरी में बंद शव पानी में तैरता मिला था। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी।
शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध हत्या का निकला, जिसके बाद धारा 103(1), 238 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया।
लापता बेटा ही निकला मृतक
जांच के दौरान ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ में सामने आया कि महेश ध्रुव का बड़ा बेटा सत्यानारायण ध्रुव कई दिनों से घर से लापता था। शव की शिनाख्त परिजनों ने सत्यानारायण ध्रुव (27), निवासी लाफिनखुर्द के रूप में की।
शराब की लत और घर में विवाद बना वजह
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि मृतक शराब का आदी था और नशे में आए दिन घर में विवाद करता था। वह माता-पिता के साथ गाली-गलौच और मारपीट तक करता था।
घटना वाले दिन भी उसने अपनी मां से विवाद किया और मारपीट शुरू कर दी थी।
गुस्से में नाबालिग ने सील से कर दी हत्या
इसी दौरान छोटे भाई (विधि से संघर्षरत बालक) ने बीच-बचाव किया, लेकिन विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर नाबालिग ने घर में रखे पत्थर के सील से सत्यानारायण पर लगातार वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पिता ने देखी वारदात, फिर दोनों ने छिपाया सच
घटना के बाद पिता महेश ध्रुव घर पहुंचे और पूरी वारदात देखी। इसके बाद पिता और बेटे ने मिलकर सबूत छिपाने की साजिश रची। घर में पड़े शव को प्लास्टिक बोरी में भरा गया और मोटरसाइकिल (CG 04 MU 1345) से कुएं तक ले जाया गया। वहां शव को पत्थर बांधकर कुएं में फेंक दिया गया ताकि कोई सुराग न मिले।
पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, पिता गिरफ्तार
पुलिस की सख्त पूछताछ और तकनीकी जांच में पूरा मामला खुल गया। इसके बाद आरोपी पिता महेश ध्रुव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं नाबालिग को बाल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
