रायपुर में सट्टा कारोबार से जुड़े एक बड़े मामले में गिरफ्तार आरोपी बाबू खेमानी को लेकर जांच तेज हो गई है। तीन दिन की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद उसे एक बार फिर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पुलिस को अतिरिक्त समय के लिए दो दिन की और रिमांड मिल गई है। अदालत ने सुनवाई के बाद आदेश दिया कि आरोपी को कल शाम तक पुलिस हिरासत में रखा जाए, ताकि पूछताछ को आगे बढ़ाया जा सके।
नेटवर्क की जांच
यह मामला गंज थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें अवैध सट्टा संचालन और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में कुछ अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर अब जांच को और गहराई दी जा रही है। बाबू खेमानी से सट्टा नेटवर्क की संरचना, उसके संचालन के तरीके और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में लगातार सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।
बैंकिंग ट्रांजेक्शन की भी जांच
सूत्रों के अनुसार, पुलिस को यह आशंका है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है, जो अलग-अलग इलाकों में अपना नेटवर्क चला रहा है। पूछताछ के दौरान वित्तीय लेन-देन, पैसों के स्रोत और वितरण प्रणाली को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस जांच में कुछ अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। कुछ अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
इससे पहले भी आरोपी से रिमांड के दौरान पूछताछ की जा चुकी है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने का दावा किया गया था। अब दोबारा रिमांड मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
पूरे मामले को लेकर शहर में भी चर्चा का माहौल है, क्योंकि सट्टा कारोबार लंबे समय से पुलिस की निगरानी में रहा है। इस कार्रवाई को पुलिस की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि असली तस्वीर पूरी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी, जब पूरे नेटवर्क का खुलासा सामने आएगा।