Saturday, 19 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
National Career Service: महासमुंद कॉलेज में दी गई करियर सेवाओं की जानकारी, NCS पोर्टल से विद्यार्थियों को मिलेंगे रोजगार अवसर Surguja News: 20 लाख की मरम्मत के बाद फिर 55 लाख का टेंडर, पहाड़ी कोरवा आश्रम भवनों पर उठे सवाल Dewas News: जंगल में चल रहा था लाखों का जुआ, पुलिस ने मारी दबिश, 12 आरोपी गिरफ्तार, 12.86 लाख की सामग्री जब्त Damoh Murder Case: पिता ने पत्नी और तीन बच्चों की हत्या की, कुल्हाड़ी लेकर घर के बाहर बैठा मिला आरोपी Rajnandgaon Crime News: नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर ले गया था साथ Sakti School News: टीचर पर बैड टच का आरोप, परिजनों की शिकायत के बाद जांच के आदेश National Career Service: महासमुंद कॉलेज में दी गई करियर सेवाओं की जानकारी, NCS पोर्टल से विद्यार्थियों को मिलेंगे रोजगार अवसर Surguja News: 20 लाख की मरम्मत के बाद फिर 55 लाख का टेंडर, पहाड़ी कोरवा आश्रम भवनों पर उठे सवाल Dewas News: जंगल में चल रहा था लाखों का जुआ, पुलिस ने मारी दबिश, 12 आरोपी गिरफ्तार, 12.86 लाख की सामग्री जब्त Damoh Murder Case: पिता ने पत्नी और तीन बच्चों की हत्या की, कुल्हाड़ी लेकर घर के बाहर बैठा मिला आरोपी Rajnandgaon Crime News: नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर ले गया था साथ Sakti School News: टीचर पर बैड टच का आरोप, परिजनों की शिकायत के बाद जांच के आदेश
W 𝕏 f
होम बिलासपुर संभाग सहमति से संबंध रेप नहीं: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने आ…
बिलासपुर स्थित हाईकोर्ट
बिलासपुर स्थित हाईकोर्ट
बिलासपुर संभाग

सहमति से संबंध रेप नहीं: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने आरोपी को किया बरी

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि बालिग और शादीशुदा महिला की सहमति से बने शारीरिक संबंध को रेप नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में आरोपी को बरी करते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा।

कीर्तिमान ब्यूरो
प्रकाशित: 29 Mar 2026, 06:10 PM · अपडेट: 18 Sep 2026, 03:30 AM
बिलासपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि बालिग और शादीशुदा महिला की सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध को रेप नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपी को बरी कर दिया और पीड़िता की याचिका खारिज कर दी।
क्या है पूरा मामला?
बेमेतरा जिले की रहने वाली महिला ने ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी को दोषमुक्त किए जाने के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की अनुमति मांगी थी। महिला का आरोप था कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत के अनुसार, महिला एग्रीकल्चरल कॉलेज में मजदूरी करती थी, जहां आरोपी से उसकी पहचान हुई। 19 जून 2022 को बातचीत शुरू हुई और 25 जुलाई 2022 को आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर उसे अपने घर ले जाकर संबंध बनाए। घटना के समय महिला पहले से शादीशुदा थी और गर्भवती भी थी। सामाजिक कारणों से उसने तत्काल शिकायत दर्ज नहीं कराई, बाद में पति को जानकारी देने के बाद मामला दर्ज कराया गया।
ट्रायल कोर्ट का फैसला
मामले की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषमुक्त कर दिया था। कोर्ट को ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि महिला की सहमति दबाव, धमकी या धोखे से ली गई थी।
हाई कोर्ट की टिप्पणी
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि:
  • महिला बालिग थी और अपनी सहमति देने में सक्षम थी
  • यह साबित नहीं हुआ कि आरोपी ने डर या दबाव बनाकर संबंध बनाए
  • महिला पहले से शादीशुदा और गर्भवती थी
  • कोर्ट ने कहा कि “सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध को रेप नहीं माना जा सकता”।
याचिका खारिज
हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए पीड़िता की याचिका खारिज कर दी और आरोपी को बरी करने के आदेश को सही ठहराया।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें