Keertiman में हमारी पत्रकारिता सत्य, स्वतंत्रता, सटीकता, संतुलन और जवाबदेही के पाँच मूलभूत स्तंभों पर आधारित है। यह संपादकीय नीति उन मानकों को स्पष्ट करती है जिनका हमारे पत्रकार, संपादक और योगदानकर्ता हर दिन पालन करते हैं।
हमारे मार्गदर्शक सिद्धांत
1. सत्य और सटीकता
हम तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करते हैं। प्रत्येक खबर — विशेषकर विवादास्पद या संवेदनशील — के लिए कम से कम दो स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि अनिवार्य है। हम अनुमान, अफ़वाह और सत्यापन-रहित दावों को समाचार के रूप में प्रकाशित नहीं करते।
2. संपादकीय स्वतंत्रता
हमारी संपादकीय निर्णय-प्रक्रिया स्वतंत्र है। कोई भी राजनीतिक दल, औद्योगिक घराना, विज्ञापनदाता या व्यक्तिगत हित हमारे समाचार चयन या प्रस्तुति को प्रभावित नहीं कर सकता। विज्ञापन बिक्री टीम और संपादकीय टीम अलग कार्य करती हैं।
3. निष्पक्षता और संतुलन
विवादास्पद मुद्दों पर हम सभी संबंधित पक्षों को बोलने का अवसर देते हैं। यदि कोई पक्ष टिप्पणी से इनकार करता है, तो यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाता है।
4. राय बनाम तथ्य
संपादकीय, स्तंभ, ब्लॉग और राय-आधारित लेख स्पष्ट रूप से "विचार", "राय" या "विश्लेषण" लेबल किए जाते हैं। समाचार रिपोर्ट में पत्रकार की व्यक्तिगत राय नहीं होती।
5. प्रायोजित कंटेंट का पारदर्शी प्रकटीकरण
विज्ञापन, स्पॉन्सर्ड पोस्ट और ब्रांडेड कंटेंट को हमेशा "विज्ञापन" / "Sponsored" / "Brand Post" लेबल किया जाता है।
6. स्रोत और साक्ष्य
हम विश्वसनीय और सत्यापित स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं। बेनाम स्रोतों का उपयोग केवल असाधारण परिस्थितियों में किया जाता है।
हम क्या नहीं करते
- दुष्प्रचार और भ्रामक जानकारी: जानबूझकर प्रकाशित नहीं करते
- घृणा फैलाने वाला कंटेंट: धर्म, जाति, क्षेत्र, लिंग या यौन रुझान के आधार पर भेदभाव नहीं
- व्यक्तिगत गोपनीयता का उल्लंघन: निजी ज़िंदगी में अनधिकृत हस्तक्षेप नहीं
- हिंसक / आपत्तिजनक चित्र: सार्वजनिक हित के अलावा प्रकाशित नहीं
- बच्चों का शोषण: नाबालिगों की पहचान बिना अभिभावक सहमति के नहीं
- क्लिकबेट: भ्रामक हेडलाइनों से दूरी
नाबालिगों और संवेदनशील विषयों पर रिपोर्टिंग
नाबालिग: 18 वर्ष से कम के बच्चों की पहचान बलात्कार, यौन शोषण, घरेलू हिंसा या क़ानूनी प्रक्रिया से जुड़े मामलों में प्रकट नहीं की जाएगी। (POCSO Act, 2012 के अनुपालन में)
बलात्कार और यौन हिंसा: पीड़िता की पहचान कभी प्रकाशित नहीं की जाएगी (IPC §228A का पालन)
आत्महत्या: WHO के मीडिया गाइडलाइन्स के अनुसार, हम विधि या स्थान का विस्तृत विवरण नहीं देते। मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन का उल्लेख अनिवार्य है।
अपराध रिपोर्टिंग: आरोपी की पहचान केवल आरोप-पत्र दाख़िल होने के बाद। दोषसिद्धि तक "कथित" शब्द का प्रयोग।
सामग्री समीक्षा प्रक्रिया
- संग्रहण: रिपोर्टर तथ्य एकत्र करता है और दो स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि करता है
- लेखन: समाचार ड्राफ़्ट तैयार होता है, हेडलाइन सटीक रखी जाती है
- सम्पादन: कॉपी एडिटर भाषा, तथ्य और संरचना की जाँच करता है
- अनुमोदन: वरिष्ठ सम्पादक संवेदनशील कहानियों की अंतिम अनुमति देता है
- प्रकाशन: अंतिम जाँच के बाद लाइव
सुधार और परिवर्तन
- 24 घंटों के भीतर सुधार
- लेख के शीर्ष पर एक स्पष्ट "सुधार:" नोट
- महत्वपूर्ण त्रुटियों के लिए सोशल चैनलों पर भी सुधार सूचना
त्रुटि की रिपोर्ट करने के लिए: editorial@keertiman.com
तथ्य-जाँच
हमारी एक समर्पित तथ्य-जाँच टीम है। विस्तृत प्रक्रिया हमारी तथ्य-जाँच नीति में देखें।
एआई और स्वचालन
हम कुछ संपादकीय कार्यों के लिए AI उपकरणों का सीमित और सहायक उपयोग करते हैं। सभी समाचार सामग्री मानव पत्रकारों द्वारा लिखी, सत्यापित और सम्पादित होती है। पूर्णतः AI-जनित लेख स्पष्ट रूप से लेबल किए जाएँगे।
उपयोगकर्ता-निर्मित सामग्री और टिप्पणियाँ
हम पाठक टिप्पणियों के लिए सीमित मॉडरेशन करते हैं। घृणा, गाली, स्पैम और मानहानि-कारक टिप्पणियाँ बिना सूचना के हटाई जा सकती हैं।
विविधता और समावेशन
हम अपनी न्यूज़रूम और समाचार चयन में विविधता को महत्व देते हैं — लिंग, क्षेत्र, धर्म, जाति और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि का संतुलित प्रतिनिधित्व हमारी प्राथमिकता है।
मानक संगठनों के साथ संरेखण
- भारतीय प्रेस परिषद (PCI) — पत्रकारीय आचार संहिता
- नेटवर्क ऑफ़ ब्रॉडकास्टर्स (NBA) — कंटेंट कोड (जहाँ लागू)
- आईटी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021
- IFCN कोड ऑफ़ प्रिंसिपल्स (फैक्ट चेक के लिए)
प्रतिक्रिया और फ़ीडबैक
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