छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां अंधविश्वास और क्षणिक क्रोध ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। कुआकोंडा थाना क्षेत्र के ग्राम धनीकरका में एक बेटे ने अपनी ही जननी की निर्मम हत्या कर दी। यह वारदात महज इसलिए हुई क्योंकि मां ने बेटे को झाड़-फूंक करने से मना किया था।
वारदात का विवरण: आंगन में मचा कोहराम
घटना 23 अप्रैल 2026 की रात की है। जानकारी के अनुसार, ग्राम धनीकरका निवासी कोवा मरकाम अपने परिवार और पत्नी आयते मरकाम (53) के साथ घर के आंगन में बैठे थे। घर के सभी सदस्य सामान्य रूप से आम छील रहे थे और बातचीत कर रहे थे। इसी बीच उनका 34 वर्षीय बेटा बुधराम मरकाम अपनी बुआ के लिए तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक की प्रक्रिया शुरू करने लगा।
विवाद तब भड़का जब बुधराम ने अपने पिता को 'देवगुड़ी' से रेत लाने के लिए भेज दिया। रात करीब 10 बजे मां आयते मरकाम ने अंधविश्वास के इस खेल का विरोध किया और बुधराम को झाड़-फूंक करने से टोका। बस यही बात बेटे को नागवार गुजरी।
क्रोध में खोया आपा: सीने पर किया जानलेवा वार
मां के मना करने पर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बुधराम ने आपा खो दिया। उसने पहले अपनी मां के साथ मारपीट की और उन्हें जमीन पर पटक दिया। इसके बाद, पास में ही रखे हंसिए को उठाकर उसने अपनी मां के सीने पर जोरदार हमला कर दिया। वार इतना घातक था कि आयते मरकाम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 24 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे
वारदात के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया। शिकायतकर्ता कोवा मरकाम की रिपोर्ट पर कुआकोंडा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपराध क्रमांक 17/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के अंतर्गत मामला दर्ज किया।
पुलिस जांच के मुख्य बिंदु:
आरोपी की गिरफ्तारी: पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी बुधराम मरकाम को घटना के 24 घंटे के भीतर ही धर दबोचा।
जुर्म स्वीकार: कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
न्यायिक हिरासत: 25 अप्रैल 2026 को आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे आदेशानुसार जिला जेल दंतेवाड़ा भेज दिया गया है।

