रायगढ़ जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा और कस दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन अंकुश' के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुक्रवार की रात मौदहापारा इलाके में स्ट्रीट लाइट की रोशनी में सजने वाली जुए की फड़ पर पुलिस ने अचानक धावा बोलकर 8 जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
घेराबंदी और अफरा-तफरी का माहौल
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मौदहापारा के एक सुनसान हिस्से में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर जुए का खेल चल रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना और जूटमिल पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने इलाके की घेराबंदी की और जैसे ही पुष्टि हुई, अचानक रेड मार दी। पुलिस को देखते ही मौके पर भगदड़ मच गई। कुछ लोग अंधेरे का लाभ उठाकर गलियों से फरार होने में कामयाब रहे, लेकिन घेराबंदी इतनी सख्त थी कि 8 मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों में शहर के कई उम्रदराज व्यक्ति शामिल हैं:
अलेख कुमार पटेल (47 वर्ष)
भरत माखीजा (50 वर्ष)
मोहम्मद फिरोज उर्फ छोटू (35 वर्ष) – सूचीबद्ध गुंडा
हमीद अली (45 वर्ष)
कर्नल सिंह (52 वर्ष)
जय कुमार सिंह (44 वर्ष) – सूचीबद्ध गुंडा
मोहम्मद अजीज (40 वर्ष)
मोहम्मद गुलफाम (53 वर्ष)
तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से 24,200 रुपये नगद और ताश की गड्डी बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया कि मोहम्मद फिरोज और जय कुमार सिंह जूटमिल थाने के पुराने रिकॉर्डेड बदमाश हैं।
कड़ी कानूनी कार्रवाई और जेल
थाना प्रभारी निरीक्षक अभिनव कांत सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के साथ-साथ BNSS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चार आदतन अपराधियों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की मुस्तैदी
इस सफल कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी विजय चेलक, प्रधान आरक्षक करूणेश राय, रूपराम पटेल और जूटमिल थाने के आरक्षक नरेश रजक व परमानंद पटेल सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
SSP शशि मोहन सिंह का संदेश: "जिले में जुआ, सट्टा या किसी भी तरह का अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून तोड़ने वालों के लिए रायगढ़ में कोई जगह नहीं है। 'ऑपरेशन अंकुश' के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।"
रायगढ़ पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच खौफ पैदा कर दिया है, जिससे यह साफ है कि अब शहर की गलियों में छिपकर किए जाने वाले अवैध काम पुलिस की नजरों से बच नहीं पाएंगे।
