भीषण गर्मी और चढ़ते पारे के बीच कन्हर नदी के घटते जलस्तर ने शहर की चिंता बढ़ा दी है। नदी का सीना सूखने की कगार पर है, जिसे देखते हुए रामानुजगंज नगर पालिका परिषद ने समय रहते मोर्चा संभाल लिया है। शहरवासियों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना न पड़े, इसके लिए नगर पालिका ने कन्हर नदी के बीचों-बीच 'डबरी' (कृत्रिम जलसंग्रह गड्ढा) का निर्माण कराया है।
निरीक्षण और रणनीतिक तैयारी
मंगलवार को नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने अपनी टीम के साथ कन्हर नदी का दौरा किया। उन्होंने मौके पर बनाई गई डबरी और जल संग्रहण की पूरी व्यवस्था का सूक्ष्म निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इंजीनियरिंग और जल विभाग के कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में नगर की जलापूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।
अध्यक्ष ने बताया कि यद्यपि वर्तमान में पानी की सप्लाई सुचारू है, लेकिन आने वाले हफ्तों में गर्मी और विकराल रूप ले सकती है। ऐसे में नदी के भीतर बनाई गई डबरी एक बैकअप के रूप में काम करेगी। उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डबरी का आकार और गहराई और बढ़ाई जाएगी, ताकि जल संचयन की क्षमता में वृद्धि हो सके।
टैंकरों का रहेगा 'बैकअप प्लान'
नगर पालिका ने केवल नदी के भरोसे ही नहीं, बल्कि वैकल्पिक साधनों पर भी काम शुरू कर दिया है। रमन अग्रवाल ने आश्वस्त किया कि:
यदि किसी भी वार्ड में पाइपलाइन या लो-प्रेशर की समस्या आती है, तो तत्काल टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी।
सभी प्रमुख वार्डों के लिए मोबाइल टैंकरों की सूची और रूट प्लान तैयार कर लिया गया है।
जल संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए एक विशेष निगरानी दल तैनात किया गया है।
नगरवासियों से अपील: "जल ही जीवन है, इसे व्यर्थ न करें"
व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ने रामानुजगंज के नागरिकों से भावनात्मक और जिम्मेदार अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन अपनी ओर से हर संभव प्रयास कर रहा है, लेकिन जनता का सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने आग्रह किया कि:
घरेलू उपयोग के दौरान पानी का अपव्यय न करें।
नहाने, कपड़े धोने या बागवानी में सीमित पानी का उपयोग करें।
नल के खुले छोड़ने की आदत पर लगाम लगाएं और जरूरत पूरी होते ही टोटी बंद कर दें।
"हमारी प्राथमिकता है कि शहर के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी पर्याप्त पेयजल मिले। डबरी निर्माण एक दूरगामी कदम है, जिससे हम भूजल स्तर और वर्तमान मांग के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं।" — रमन अग्रवाल, अध्यक्ष नगर पालिका
जनता ने सराहा प्रयास
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका के इस सक्रिय रुख का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि अक्सर नदी सूखने के बाद प्रशासन जागता है, लेकिन इस बार समय से पहले की गई तैयारियों से यह उम्मीद जगी है कि रामानुजगंज में इस साल जल संकट की मार कम होगी। कन्हर नदी की रेती में खोदी गई यह डबरी अब शहर की उम्मीदों का नया केंद्र बन गई है।

