सरकारी व्यवस्था और किसानों की मेहनत पर डाका डालने वाले एक बड़े आर्थिक घोटाले का भंडाफाड़ हुआ है। मुंगेली जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धरदेई धान उपार्जन केंद्र में लाखों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी केंद्र प्रभारी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
कैसे हुआ करोड़ों के हेरफेर का खुलासा?
वर्ष 2025-26 के धान खरीदी सत्र के दौरान (15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक) धरदेई केंद्र में प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती दिख रही थी। हालांकि, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, शाखा सरगांव के प्रार्थी मोहर दास आर्य द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत ने इस सुनियोजित घोटाले की परतें खोल दीं।
जब कलेक्टर कार्यालय की संयुक्त जांच टीम ने मौके पर दबिश दी, तो सरकारी रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक के बीच का अंतर देख अधिकारी दंग रह गए। जांच में निम्नलिखित तथ्य सामने आए:
गायब धान की मात्रा: 2156.08 क्विंटल।
कुल आर्थिक क्षति: लगभग 66 लाख 83 हजार 848 रुपये।
गड़बड़ी का तरीका: स्टॉक रजिस्टर और धान खरीदी रजिस्टर में कूटरचित तरीके से हेरफेर की गई थी।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिसिया कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना पथरिया में अपराध क्रमांक 87/26 दर्ज किया गया। आरोपियों पर BNS की धारा 316(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज हुआ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के सख्त निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
लगातार पीछा करने और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के बाद, 26 अप्रैल 2026 को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर मुख्य आरोपी कार्तिक राम ध्रुव (उम्र 53 वर्ष, निवासी झुलनाकला) को नांदघाट, बेमेतरा से घेराबंदी कर धर दबोचा।
"आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसके पास से धान खरीदी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। उसे 27 अप्रैल को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।" — थाना प्रभारी, पथरिया
सिस्टम की खामियां और फरार साथियों की तलाश
इस घोटाले ने न केवल केंद्र प्रभारी बल्कि वहां तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर संदीप दुबे और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह महज एक व्यक्ति की लापरवाही नहीं, बल्कि एक संगठित तरीके से शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाने की साजिश थी।
कार्रवाई में शामिल प्रमुख टीम:
उपनिरीक्षक गिरजाशंकर गोस्वामी (थाना प्रभारी, पथरिया)
सत्येन्द्रपुरी गोस्वामी (साइबर सेल प्रभारी)
जिले की विशेष तकनीकी टीम
जीरो टॉलरेंस की चेतावनी
इस कार्रवाई ने जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों में भी खलबली मचा दी है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि फरार चल रहे अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। यह मामला शासन के लिए एक चेतावनी है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्यों में डिजिटल रिकॉर्ड के साथ-साथ भौतिक सत्यापन की कितनी अधिक आवश्यकता है। फिलहाल, कार्तिक राम ध्रुव की गिरफ्तारी इस बड़े घोटाले की पहली बड़ी सफलता मानी जा रही है।

