शहर में आईपीएल के रोमांच के बीच अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का काला खेल रचने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। जिले की साइबर सेल, कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की एक विशेष संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सट्टेबाजी के नेटवर्क से जुड़े 6 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
तकनीकी साक्ष्यों के साथ पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 2.5 लाख रुपये मूल्य के 7 हाई-टेक स्मार्टफोन, 15,490 रुपये की नगद राशि और भारी मात्रा में डिजिटल ट्रांजेक्शन के सबूत बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए सट्टेबाज विभिन्न ऑनलाइन ऐप्स और डिजिटल पेमेंट गेटवे के जरिए हार-जीत का दांव लगवा रहे थे।
कोतवाली क्षेत्र: कैफे और रिहायशी इलाकों में दबिश
पुलिस की पहली टीम ने नयागंज के कोष्टापारा क्षेत्र में घेराबंदी कर 21 वर्षीय सोनू देवांगन को दबोचा। सोनू चेन्नई सुपर किंग्स, गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों के मैचों पर सट्टा संचालित कर रहा था। उसके मोबाइल से गूगल-पे के जरिए किए गए लाखों के लेनदेन और सट्टेबाजी के स्क्रीनशॉट मिले हैं।
दूसरी ओर, गद्दी चौक स्थित 'ए-वन कैफे' में चल रहे अवैध कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 24 वर्षीय हर्षित देवांगन को गिरफ्तार किया। हर्षित कैफे की आड़ में मोबाइल के जरिए डिजिटल भुगतान लेकर लोगों से दांव लगवा रहा था।
घरघोड़ा में भी पुलिस की स्ट्राइक: सट्टेबाजी के सिंडिकेट का खुलासा
घरघोड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। पहली छापेमारी गोयल ट्रेडिंग दुकान पर की गई, जहाँ से भरत गोयल (22 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी आईपीएल मैचों के दौरान हर गेंद, चौके और छक्के पर सट्टा खिला रहा था।
वहीं, जय स्तंभ चौक के पास पुलिस ने एक साथ तीन आरोपियों—गौतम भोजवानी, लक्ष्मीनारायण सिदार और सागर गुप्ता को गिरफ्तार किया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। पूछताछ के दौरान इस सिंडिकेट में दो और बड़े नाम—जश्मित सिंह बग्गा और करण चौधरी के शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन दोनों की तलाश में जुटी है।
कड़ी धाराओं में मामला दर्ज
पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी और साइबर अपराध के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि खेल की आड़ में चल रहे इस अवैध कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

