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कारण बताओ नोटिस : जनगणना कार्य में लापरवाही पर प्रशासन का डंडा, 23 कर्मचारियों को मांग जवाब 

नगर निगम ने जनगणना 2026-27 के महत्वपूर्ण कार्य में अनुपस्थित रहने और ड्यूटी का पालन न करने पर 23 शिक्षकों व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि उन्होंने न तो फील्ड में योगदान दिया और न ही जनगणना किट प्राप्त की। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए 24 घंटे में जवाब मांगा है और चेतावनी दी है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर विभागीय कार्रवाई, जुर्माना और जरूरत पड़ने पर कानूनी सजा तक हो सकती है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
03 May 2026, 11:39 AM
📍 मुरैना

राष्ट्रीय महत्व के कार्यों में अनुशासनहीनता और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ मुरैना नगर निगम प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जनगणना 2026-27 के अति-महत्वपूर्ण चरण में ड्यूटी से नदारद रहने वाले 23 शिक्षकों और कर्मचारियों को नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी द्वारा 'कारण बताओ' नोटिस थमाया गया है। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक और शैक्षणिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

क्या है पूरा मामला?

देश की भावी योजनाओं का आधार बनने वाली जनगणना का प्रथम चरण 1 मई 2026 से आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो चुका है। इस कार्य के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को प्रगणक (Enumerator) और पर्यवेक्षक (Supervisor) के रूप में तैनात किया गया था।

शिकायत मिली थी कि नियुक्त किए गए 23 कर्मचारी न तो फील्ड में रिपोर्ट करने पहुंचे और न ही उन्होंने कार्यालय से अपनी जनगणना किट प्राप्त की। इसे शासकीय आदेशों की अवहेलना मानते हुए आयुक्त ने तत्काल प्रभाव से नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना का कार्य जनगणना अधिनियम 1948 के दायरे में आता है। इस अधिनियम के तहत सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन न करना एक दंडनीय अपराध है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि यदि संबंधित कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं, तो उनके विरुद्ध:

  • विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

  • जनगणना अधिनियम के प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है।

  • गंभीर स्थिति में कारावास की सजा हेतु मामला वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जा सकता है।

"जनगणना एक राष्ट्रीय मिशन है। इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कर्मचारी 24 घंटे के भीतर अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर स्पष्टीकरण नहीं देंगे, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" — नगर निगम आयुक्त, मुरैना

नोटिस पाने वालों में प्रमुख नाम

प्रशासन द्वारा जारी सूची में शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मचारी भी शामिल हैं। प्रमुख रूप से जिन्हें नोटिस जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  1. रणवीर सिंह सेमिल (सहायक शिक्षक, शा. हा. से. स्कूल, छोदा)

  2. श्रीमती अनीता शर्मा (कार्यकर्ता, महिला बाल विकास)

  3. अंजली शुक्ला (माध्यमिक शिक्षक, EPS पेपर सेवा)

  4. स्वीटी जैन (व्याख्याता, शा. पॉलिटेक्निक कॉलेज)

  5. राजबहादुर सिंह सिकरवार (स्थल सहायक, लोक निर्माण विभाग)

  6. भरत कुमार सिंघल (सहायक शिक्षक, GPS सिंगल बस्ती)

इसके अलावा महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा, शकील बानो, कृषि विभाग की भावना परिहार और पशु चिकित्सालय के कर्मचारियों सहित कुल 23 लोगों को चिह्नित किया गया है।

प्रशासन की इस सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। सभी संबंधित कर्मचारियों को अगले 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। अब देखना यह है कि नोटिस के बाद कितने कर्मचारी फील्ड में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं।

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