Saturday, 19 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस National Career Service: महासमुंद कॉलेज में दी गई करियर सेवाओं की जानकारी, NCS पोर्टल से विद्यार्थियों को मिलेंगे रोजगार अवसर Surguja News: 20 लाख की मरम्मत के बाद फिर 55 लाख का टेंडर, पहाड़ी कोरवा आश्रम भवनों पर उठे सवाल Dewas News: जंगल में चल रहा था लाखों का जुआ, पुलिस ने मारी दबिश, 12 आरोपी गिरफ्तार, 12.86 लाख की सामग्री जब्त Damoh Murder Case: पिता ने पत्नी और तीन बच्चों की हत्या की, कुल्हाड़ी लेकर घर के बाहर बैठा मिला आरोपी Rajnandgaon Crime News: नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर ले गया था साथ Sasaram Murder Case: खौफनाक अंत, जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की हत्या, जंगल में मिला खून से लथपथ शव, जांच में जुटी पुलिस National Career Service: महासमुंद कॉलेज में दी गई करियर सेवाओं की जानकारी, NCS पोर्टल से विद्यार्थियों को मिलेंगे रोजगार अवसर Surguja News: 20 लाख की मरम्मत के बाद फिर 55 लाख का टेंडर, पहाड़ी कोरवा आश्रम भवनों पर उठे सवाल Dewas News: जंगल में चल रहा था लाखों का जुआ, पुलिस ने मारी दबिश, 12 आरोपी गिरफ्तार, 12.86 लाख की सामग्री जब्त Damoh Murder Case: पिता ने पत्नी और तीन बच्चों की हत्या की, कुल्हाड़ी लेकर घर के बाहर बैठा मिला आरोपी Rajnandgaon Crime News: नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर ले गया था साथ
W 𝕏 f
होम देश AI का बढ़ता असर : मेटा और माइक्रोसॉफ्ट में छंटनी …
AI Photo
AI Photo
देश

AI का बढ़ता असर : मेटा और माइक्रोसॉफ्ट में छंटनी की लहर, हजारों कर्मचारियों पर संकट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने टेक इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव शुरू कर दिया है। Meta Platforms और Microsoft Corporation जैसी बड़ी कंपनियां लागत घटाने और कामकाज को अधिक ऑटोमेटेड बनाने के लिए बड़े पैमाने पर छंटनी और पुनर्गठन कर रही हैं।

कीर्तिमान ब्यूरो
प्रकाशित: 03 May 2026, 11:36 AM · अपडेट: 28 May 2026, 04:28 AM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदलना शुरू कर दिया है। जहां एक तरफ कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमेशन पर अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर इसका सीधा असर कर्मचारियों की नौकरियों पर दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में टेक दिग्गज Meta Platforms और Microsoft Corporation ने बड़े पैमाने पर छंटनी और वर्कफोर्स पुनर्गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इससे हजारों कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है।

मेटा में 10% स्टाफ कम करने की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा ने अपने कुल कर्मचारियों में लगभग 10 प्रतिशत की कटौती का निर्णय लिया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस फैसले का असर करीब 8,000 कर्मचारियों पर पड़ सकता है। कंपनी का कहना है कि यह कदम संचालन को अधिक तेज, कुशल और कम लागत वाला बनाने की रणनीति का हिस्सा है। साथ ही मेटा ने संकेत दिए हैं कि हजारों खाली पदों पर फिलहाल नई भर्ती भी रोकी जा सकती है। पिछले कुछ वर्षों से मेटा लगातार अपने बिजनेस मॉडल को AI-फर्स्ट रणनीति की ओर मोड़ रही है, जिसमें मैन्युअल कार्यों की जगह ऑटोमेशन और मशीन लर्निंग आधारित सिस्टम को प्राथमिकता दी जा रही है।

माइक्रोसॉफ्ट का अलग तरीका: ‘स्वैच्छिक रिटायरमेंट’ मॉडल

दूसरी ओर Microsoft Corporation ने कर्मचारियों की संख्या घटाने के लिए एक अलग रणनीति अपनाई है। कंपनी ने लगभग 7 प्रतिशत कर्मचारियों को ‘वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम’ का प्रस्ताव दिया है। यह योजना खास तौर पर उन कर्मचारियों के लिए है जिन्होंने लंबे समय तक कंपनी में सेवाएं दी हैं और निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम छंटनी के बजाय एक “सॉफ्ट एक्जिट” मॉडल के रूप में देखा जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट पहले ही AI इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड और कोपायलट जैसी तकनीकों पर भारी निवेश कर चुका है, जिससे कई पारंपरिक कार्यों की आवश्यकता कम होती जा रही है।

एक महीने में हजारों नौकरियों पर असर

टेक सेक्टर से जुड़े विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले एक महीने में Meta Platforms, Microsoft Corporation और Oracle Corporation जैसी बड़ी कंपनियों ने मिलकर लगभग 40,000 से 50,000 तक कर्मचारियों को प्रभावित किया है। हालांकि यह आंकड़ा अलग-अलग रिपोर्ट्स में भिन्न बताया गया है, लेकिन ट्रेंड साफ है—टेक इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर पुनर्गठन जारी है।

छंटनी की असली वजह क्या है?

कंपनियों का तर्क है कि AI के आने से कई काम पहले की तुलना में बहुत तेज और कम संसाधनों में पूरे किए जा सकते हैं। ऐसे में कम कर्मचारियों के साथ भी बड़े स्तर पर संचालन संभव हो गया है।

माइक्रोसॉफ्ट और मेटा दोनों ही कंपनियां यह मान रही हैं कि भविष्य में:

  • डेटा प्रोसेसिंग
  • कंटेंट मॉडरेशन
  • बेसिक कोडिंग
  • कस्टमर सपोर्ट

जैसे कई कार्य AI सिस्टम द्वारा स्वतः किए जा सकेंगे।

इसी कारण कंपनियां अब अपने कर्मचारियों की संख्या को “ऑप्टिमाइज” करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

एक्सपर्ट की चेतावनी: नौकरी बाजार में बड़ा बदलाव तय

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ लागत कम करने की रणनीति नहीं है, बल्कि नौकरी बाजार के ढांचे में बड़ा बदलाव है।

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • व्हाइट कॉलर जॉब्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा
  • एंट्री लेवल पदों में कमी आ सकती है
  • AI स्किल्स वाले कर्मचारियों की मांग तेजी से बढ़ेगी

एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि आने वाले 5–10 सालों में टेक सेक्टर में “मानव + AI” मॉडल पूरी तरह हावी हो जाएगा।

कर्मचारियों में बढ़ी चिंता

छंटनी और रिटायरमेंट स्कीम की खबरों के बाद टेक कंपनियों के कर्मचारियों में अनिश्चितता का माहौल है। कई कर्मचारी अब नई स्किल्स सीखने और AI आधारित तकनीकों में खुद को अपग्रेड करने की कोशिश कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज है कि क्या AI वाकई रोजगार खत्म कर रहा है या नए अवसर भी पैदा कर रहा है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें