Modi-Trump Meeting : मोदी-ट्रंप की मुलाकात में ‘सवाल-जवाब नहीं’ की मांग? सर्जियो गोर के दावे से मचा सियासी घमासान
Modi-Trump Meeting: भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दावा किया कि मोदी-ट्रंप मुलाकात से पहले भारतीय पक्ष सवाल-जवाब नहीं चाहता था। उनके इस बयान के बाद प्रधानमंत्री मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
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कीर्तिमान डेस्क | कमलेश साहू
25 Aug 2026, 01:52 PM
नई दिल्ली
Modi-Trump Meeting: भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के एक बयान ने PM Narendra Modi और अमेरिकी President Donald Trump की मुलाकात को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। गोर ने दावा किया है कि जून में फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात से पहले भारतीय पक्ष की ओर से Media की मौजूदगी को लेकर एक खास अनुरोध किया गया था। उनके मुताबिक, Media को बैठक की शुरुआत में आने देने की बात थी, लेकिन सवाल-जवाब का सत्र नहीं रखने की इच्छा जताई गई थी।
गोर ने क्या दावा किया ?
Economic Times World Leaders फोरम में शनिवार को सर्जियो गोर ने Modi और Trump की उस मुलाकात से पहले हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि बैठक शुरू होने से पहले वह राष्ट्रपति Trump के साथ मंच के पीछे मौजूद थे। इसी दौरान Trump ने उनसे पूछा कि भारतीय पक्ष किन मुद्दों को उठाने वाला है और क्या उनकी कोई विशेष मांग है। गोर के अनुसार, उन्होंने Trump को बताया कि भारतीय विदेश मंत्रालय चाहता है कि मीडिया को बैठक की शुरुआत में अंदर आने दिया जाए, लेकिन इसे पूर्ण Press Conference में न बदला जाए और सवाल-जवाब न हों। गोर ने कहा कि इस अनुरोध पर Trump ने सहमति जताते हुए कहा कि इसमें कोई समस्या नहीं है।
मीडिया के सामने बदला घटनाक्रम
गोर के मुताबिक, इसके बाद बैठक शुरू हुई और बड़ी संख्या में कैमरों तथा पत्रकारों को अंदर आने दिया गया। PM Modi और President Trump ने शुरुआत में कुछ मिनट अपनी बात रखी। हालांकि, गोर के दावे के अनुसार, नेताओं की शुरुआती टिप्पणी पूरी होने के बाद ट्रंप ने खुद पत्रकारों की ओर देखते हुए सवाल लेने का संकेत दिया। इसके बाद पत्रकारों और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच लंबा सवाल-जवाब चला। इस दौरान PM Modi ट्रंप के पास बैठे रहे, लेकिन पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी। अधिकांश सवालों के जवाब ट्रंप ने ही दिए।
बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस
सर्जियो गोर के इस दावे के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर PM Modi की Press Conference को लेकर पुरानी बहस फिर तेज हो गई है। आलोचक लंबे समय से प्रधानमंत्री पर नियमित खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस से दूरी बनाने का आरोप लगाते रहे हैं। अब गोर के बयान को इसी बहस से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, किसी राजनयिक बैठक में मीडिया की मौजूदगी और सवाल-जवाब को लेकर पहले से व्यवस्था तय होना असामान्य नहीं माना जाता। ऐसे उच्चस्तरीय कार्यक्रमों में दोनों पक्ष मीडिया एक्सेस, शुरुआती वक्तव्य और बातचीत के प्रारूप पर पहले से समन्वय करते हैं।
गोर के दावे ने क्यों खींचा ध्यान ?
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा गोर के उस दावे की हो रही है, जिसमें उन्होंने भारतीय पक्ष द्वारा सवाल-जवाब नहीं रखने की इच्छा जताए जाने की बात कही। इसके साथ ही यह सवाल भी चर्चा में है कि पहले से तय मीडिया व्यवस्था के बावजूद ट्रंप ने पत्रकारों से सवाल क्यों आमंत्रित किए। फिलहाल यह बयान राजनीतिक और सोशल मीडिया की बहस का विषय बना हुआ है। गोर की टिप्पणी ने मोदी-ट्रंप की उस मुलाकात के मीडिया से जुड़े घटनाक्रम को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।