15% Drop in Sugar Prices: चीनी की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के फैसलों के बाद थोक बाजार में चीनी के दाम घटने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों में थोक कीमतों में करीब 15 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। सरकार ने हाल ही में 10 लाख टन चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसके साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए भी सख्ती बढ़ा दी गई है।
खुदरा बाजार में अभी भी महंगी मिल रही चीनी
थोक कीमतों में गिरावट के बावजूद आम उपभोक्ताओं को फिलहाल पूरी राहत नहीं मिली है। कई स्थानों पर खुदरा बाजार में चीनी करीब 75 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि थोक भाव में आई कमी का असर जल्द ही खुदरा कीमतों पर भी दिखाई देगा।
तीन दिन में 800 रुपये प्रति क्विंटल घटा भाव
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, महज तीन दिनों के भीतर थोक बाजार में चीनी का भाव करीब 800 रुपये प्रति क्विंटल तक कम हुआ है। वर्तमान में थोक बाजार में चीनी की कीमत लगभग 62 रुपये प्रति किलोग्राम बताई जा रही है। कारोबार से जुड़े जानकारों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में दाम तीन रुपये प्रति किलोग्राम तक और घट सकते हैं।सरकारी आंकड़ों में कीमतों की अलग तस्वीर
उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त को चीनी का औसत खुदरा मूल्य 63.05 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। रिपोर्ट में एक सप्ताह पहले इसकी कीमत 51.68 रुपये और एक महीने पहले करीब 48 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई है। वहीं, पिछले साल इसी अवधि में चीनी का भाव 45.87 रुपये प्रति किलोग्राम था। ये आंकड़े बताते हैं कि हाल की थोक गिरावट के बावजूद खुदरा बाजार में कीमतें अभी भी पिछले महीने और पिछले साल के मुकाबले अधिक हैं।
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देश में 36 लाख टन चीनी का भंडार
केंद्र सरकार के अनुसार, फिलहाल देश में करीब 36 लाख टन चीनी उपलब्ध है। सरकार को उम्मीद है कि मौजूदा भंडार और आयात होने वाली 10 लाख टन चीनी से नए उत्पादन सत्र तक घरेलू जरूरतों को पूरा करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। जमाखोरी रोकने के लिए निगरानी तेज चीनी की उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र तथा राज्य सरकारों ने निगरानी बढ़ा दी है।भंडारण की नियमित जांच की जा रही है
सरकार ने जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। देश में चीनी की कमी नहीं: ISMA इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) का कहना है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है। संगठन के मुताबिक, घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है। आयात के बाद बाजार में आपूर्ति और बेहतर होने की संभावना है।
एथेनॉल उत्पादन में गन्ने की हिस्सेदारी
ISMA के अनुसार, अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 के दौरान कुल 1,200 करोड़ लीटर एथेनॉल उत्पादन का अनुमान है। इसमें करीब 290 करोड़ लीटर एथेनॉल गन्ने से तैयार किया गया है। चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार उत्पादन, भंडारण और एथेनॉल निर्माण में गन्ने के इस्तेमाल पर लगातार नजर रख रही है।