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चीनी के दाम में रिकॉर्ड तेजी
चीनी के दाम में रिकॉर्ड तेजी
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त्योहारों से पहले महंगाई का बड़ा झटका, एथेनॉल उत्पादन और बढ़ती मांग से चीनी हुई 20% महंगी

फेस्टिव सीजन से पहले चीनी की कीमत में रेकॉर्ड तेजी आई है। सरकार का कहना है कि इसके कई कारण हैं। इनमें उम्मीद से कम घरेलू उत्पादन, त्योहारों के मौसम से पहले बढ़ी हुई मांग, मौसम के कारण फसल को नुकसान, वैश्विक स्तर पर सप्लाई में कमी और कुछ लोगों द्वारा सट्टेबाजी और जमाखोरी शामिल हैं। देश में फेस्टिव सीजन से पहले चीनी की कीमत में रेकॉर्ड तेजी आई है।

कीर्तिमान रिपोर्ट रोशनी पटेल
22 Aug 2026, 12:56 PM
नई दिल्ली
फेस्टिव सीजन से पहले चीनी की कीमत में रेकॉर्ड तेजी आई है। सरकार का कहना है कि इसके कई कारण हैं। इनमें उम्मीद से कम घरेलू उत्पादन, त्योहारों के मौसम से पहले बढ़ी हुई मांग, मौसम के कारण फसल को नुकसान, वैश्विक स्तर पर सप्लाई में कमी और कुछ लोगों द्वारा सट्टेबाजी और जमाखोरी शामिल हैं। 

फेस्टिव सीजन से पहले चीनी के दाम में रिकॉर्ड तेजी

इस बीच सरकार का कहना है कि मौजूदा सीजन (अक्तूबर-सितंबर) में चीनी का उत्पादन लगभग 306 लाख टन रहने का अनुमान है। यह 343 लाख टन के शुरुआती अनुमान से 11% कम है। सरकार ने साथ ही इन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि इथेनॉल बनाने के लिए चीनी का इस्तेमाल करने से उपलब्धता पर असर पड़ रहा है और कीमतें बढ़ रही हैं। सरकार ने कहा कि कुछ साल पहले की तुलना में अब इथेनॉल बनाने के लिए कम चीनी का इस्तेमाल होता है।  

कम उत्पादन से चीनी का स्टॉक घटा

घटकर लगभग 33-34 लाख टन रहने की उम्मीद है, जो एक साल पहले 50 लाख टन था। यानी इस बार चीनी का शुरुआती स्टॉक पिछले साल के स्तर का लगभग दो-तिहाई रहने का अनुमान है। टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों ने कहा कि नया स्टॉक आने तक मांग पूरी करने के लिए बचा हुआ स्टॉक काफी होगा। क्यों बढ़ी कीमत? सरकार ने सप्लाई की चिंताओं को दूर करने के लिए गुरुवार को 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी थी। 

शुक्रवार को चीनी की खुदरा कीमत 58.2 रुपये  

यह एक महीने पहले की तुलना में 20% और एक साल पहले की तुलना में लगभग 26% अधिक हैं। खाद्य मंत्रालय ने कहा कि चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी कई कारणों से हुई है। इनमें उम्मीद से कम घरेलू उत्पादन, त्योहारों के मौसम से पहले बढ़ी हुई मांग, मौसम के कारण फसल को नुकसान, वैश्विक स्तर पर सप्लाई में कमी और कुछ लोगों द्वारा सट्टेबाजी और जमाखोरी शामिल हैं। 

इथेनॉल बनाने में कितनी चीनी का खपत 

इथेनॉल बनाने के लिए चीनी के इस्तेमाल से कीमतों पर असर पड़ने की बात को खारिज करते हुए मंत्रालय ने कहा कि इसमें इस्तेमाल होने वाली चीनी का हिस्सा 2022-23 में लगभग 12% से घटकर 2025-26 में लगभग 9% रह गया है। उन्होंने कहा कि देश में बनने वाले इथेनॉल का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा अब अनाज से आता है। राज्यों ने मौजूदा सीजन (अक्टूबर-सितंबर 2025-26) के लिए चीनी उत्पादन का अनुमान 343 लाख टन लगाया था जबकि इंडस्ट्री बॉडी ISMA ने का अनुमान लगभग 348 लाख टन था।  

महाराष्ट्र में भारी बारिश से उत्पादन प्रभावित

यूपी तथा महाराष्ट्र में गन्ने की फसल में 'रेड रॉट' और 'टॉप बोरर' जैसी बीमारियों की वजह से उत्पादन पर असर पड़ा। निर्यात पर रोक अधिकारियों ने कहा कि जनवरी में उत्पादन घटने के शुरुआती संकेत मिले थे, लेकिन मिलों में गन्ने की पेराई जारी थी। एक सूत्र ने बताया कि निर्यात मार्च में ही शुरू हुआ था और जैसे ही उत्पादन कम होने के संकेत मिले, मई की शुरुआत में ही निर्यात पर रोक लगा दी गई। सरकार का कहना है कि चीनी की सप्लाई में कमी एक वैश्विक समस्या है और 2026-27 के लिए वैश्विक स्तर पर चीनी की कमी का अनुमान 33 लाख टन लगाया गया है।
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