चार साल से कम उम्र के बच्चों को दी जाने वाली कुछ दवाओं को लेकर केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। सरकार ने क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड वाले फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) के निर्माण, बिक्री और वितरण पर इस आयु वर्ग के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया कदम बताया है।
दवा के पैकेट पर चेतावनी देना अनिवार्य
स्वास्थ्य मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, संबंधित दवाओं के लेबल और पैकेज पर स्पष्ट चेतावनी देनी होगी कि इनका इस्तेमाल चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। निर्माताओं को दवा से संबंधित निर्देशों और प्रचार सामग्री में भी यह चेतावनी प्रमुखता से दिखानी होगी।
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए फैसला
सरकार के मुताबिक, इन दवाओं का इस्तेमाल चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। इस आयु वर्ग के लिए सुरक्षित विकल्प उपलब्ध होने के कारण इनके इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है।क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड का कॉम्बिनेशन आमतौर पर सर्दी-जुकाम से जुड़े लक्षणों में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं में पाया जाता है। ऐसे में अभिभावकों को छोटे बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह लेने की जरूरत है।
जून में 16 FDC दवाओं पर लगी थी रोक
इससे पहले जून में भी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर रोक लगाई थी। यह फैसला विशेषज्ञ समिति और औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर लिया गया था।
सरकार के नए निर्देश के बाद दवा निर्माताओं को संबंधित उत्पादों की पैकेजिंग और प्रचार सामग्री में निर्धारित चेतावनी शामिल करनी होगी। इसका उद्देश्य छोटे बच्चों में दवाओं के असुरक्षित इस्तेमाल को रोकना और अभिभावकों को इसके संभावित जोखिम के प्रति जागरूक करना है।