रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के 11 हजार से ज्यादा पंचायतों में पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, 3,942 करोड़ रुपये की मिली मंजूरी
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने ₹3,942 करोड़ की वित्तीय सहायता मंजूर की है। भारतनेट परियोजना के तहत राज्य की 11,682 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा, जबकि 8,328 गांवों में ऑन-डिमांड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। नई दिल्ली में डिजिटल भारत निधि, छत्तीसगढ़ सरकार, BSNL, CSBIL और CHiPS के बीच इस संबंध में MoU पर हस्ताक्षर किए गए।
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों को डिजिटल क्रांति से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। प्रदेश की पंचायतों और दूर-दराज़ के गांवों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से लैस करने के लिए केंद्र सरकार ने 3,942 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत राज्य की 11,682 ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड सुविधा पहुंचाई जाएगी, जबकि 8,328 गांवों को ऑन-डिमांड इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए नई दिल्ली स्थित संचार भवन में एक बहुपक्षीय करार (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता डिजिटल भारत निधि (DoT), छत्तीसगढ़ सरकार, BSNL, CSBIL और चिप्स (CHiPS) के बीच हुआ है।
नई दिल्ली में हुआ ऐतिहासिक समझौता
संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (ABP) को राज्य-संचालित मॉडल के तहत लागू करने के लिए आयोजित इस समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान:
डिजिटल भारत निधि की एडमिनिस्ट्रेटर श्यामला मिश्र
छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग के सचिव अंकित आनंद
CSBIL के प्रबंध निदेशक मयंक अग्रवाल
BSNL के डायरेक्टर पापा सुधाकर राव
दूरसंचार विभाग के DDG दिनेश कुमार गर्ग प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
यह करार केंद्र और राज्य सरकार के उस साझा संकल्प को दर्शाता है, जिसका मकसद ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और अंतिम व्यक्ति तक निर्बाध कनेक्टिविटी पहुंचाना है।
कैसे बदलेगी गांवों की तस्वीर?
छत्तीसगढ़ राज्य भारतनेट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (CSBIL) की देखरेख में इस पूरे ढांचे को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। नेटवर्क को मजबूत और भविष्य के अनुकूल बनाने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई जा रही है:
पुराने नेटवर्क का अपग्रेडेशन: फेज़-I की 4,048 ग्राम पंचायतों के नेटवर्क को लीनियर से बदलकर 'रिंग टोपोलॉजी' में ढाला जाएगा, ताकि इंटरनेट कनेक्टिविटी कभी ठप न हो।
नए क्षेत्रों का विस्तार: फेज़-II की 5,964 पंचायतों के साथ-साथ हाल ही में बनी 1,670 नई ग्राम पंचायतों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
ऑन-डिमांड कनेक्टिविटी: 8,328 गांवों को मांग के आधार पर सीधे इंटरनेट कनेक्शन की सुविधा दी जाएगी।
सरकार का अनुमान है कि इस वित्तीय सहायता से राज्य के 3 लाख से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को सीधे फाइबर-टू-द-होम (FTTH) कनेक्शन मिल सकेगा। इस कनेक्टिविटी के शुरू होने से बस्तर से लेकर सरगुजा तक के दूर-दराज इलाकों में ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन पढ़ाई, टेलीमेडिसिन (दूरस्थ चिकित्सा), डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना काफी आसान हो जाएगा। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था और डिजिटल समाज में बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।