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40 लाख की जमीन धोखाधड़ी में दो आरोपी गिरफ्तार
40 लाख की जमीन धोखाधड़ी में दो आरोपी गिरफ्तार
धमतरी

फर्जी आधार और ऋण पुस्तिका से जमीन बेचने की कोशिश, 40 लाख की ठगी का खुलासा

मगरलोड में मृतक के नाम दर्ज करीब 4.5 एकड़ कृषि भूमि को अपनी बताकर बेचने और करीब 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका और बैंक दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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प्रकाशित: 22 Aug 2026, 01:33 PM · अपडेट: 02 Oct 2026, 09:43 AM
धमतरी
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर करीब 40 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि मृत व्यक्ति के नाम दर्ज करीब साढ़े चार एकड़ कृषि भूमि को अपनी बताकर बेचने का सौदा किया गया। इसके लिए फर्जी ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड और बैंक से जुड़े दस्तावेज भी तैयार किए गए। मामले की जांच के बाद मगरलोड पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार गोबरा नवापारा निवासी सचिन बगानी ने मगरलोड थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि ग्राम सांगा में मृतक विष्णु प्रसाद साहू के नाम करीब 4.5 एकड़ कृषि भूमि दर्ज है। आरोप है कि ठाकुर राम साहू ने इस जमीन को अपनी बताकर बेचने का सौदा किया और इस दौरान शिकायतकर्ता से नकद और चेक के माध्यम से अलग-अलग किस्तों में करीब 40 लाख रुपए ले लिए।

जांच में खुला फर्जी दस्तावेजों का मामला

शिकायत मिलने के बाद मगरलोड पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के नाम से जुड़े बैंक खाते के दस्तावेज, ग्राहक आवेदन फॉर्म और बैंक स्टेटमेंट की जांच की। दस्तावेजों की पड़ताल और संदिग्धों से पूछताछ के दौरान जमीन के सौदे में फर्जीवाड़े की जानकारी सामने आई। पुलिस जांच के मुताबिक जमीन पर अधिकार दिखाने के लिए मृतक के नाम से फर्जी ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड और बैंक से संबंधित कागजात तैयार किए गए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जमीन बेचने की कोशिश की गई। पुलिस का आरोप है कि ठाकुर राम साहू ने अपने सहयोगी जितेन्द्र साहू के साथ मिलकर इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया।

फर्जी आधार कार्ड और ऋण पुस्तिका बरामद

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर फर्जी ऋण पुस्तिका, फर्जी आधार कार्ड, एक एटीएम कार्ड, तीन चेक, दो रबर सील, लिखावट से जुड़ी एक डायरी और 5,200 रुपए नकद बरामद किए हैं। जांच के लिए मुख्य आरोपी ठाकुर राम साहू की लिखावट और हस्ताक्षर के नमूने भी लिए गए हैं। इन नमूनों को दस्तावेजों में मौजूद लिखावट और हस्ताक्षर से मिलान के लिए क्यूडी शाखा भेजा जाएगा। पुलिस ने मामले में ग्राम सांगा, थाना मगरलोड निवासी 37 वर्षीय ठाकुर राम साहू और ग्राम पोखरा, थाना राजिम जिला गरियाबंद निवासी 38 वर्षीय जितेन्द्र साहू को 20 अगस्त को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले में धोखाधड़ी, कूटरचना और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार जांच में आपराधिक षड्यंत्र की भूमिका सामने आने के बाद प्रकरण में बीएनएस की धारा 61(2) भी जोड़ी गई है। 

फर्जी दस्तावेज बनाने वालों की भूमिका की भी जांच

एसपी भावना पांडेय ने जमीन और संपत्ति की खरीद-बिक्री में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी जमीन या संपत्ति का सौदा करने से पहले उसके दस्तावेज और वास्तविक मालिकाना हक की अच्छी तरह जांच कर लें। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में आरोपियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
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