Larsen and Toubro Major Order: भारत की प्रमुख इंजीनियरिंग एवं इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने मध्य पूर्व में एक बड़ा गैस कंप्रेशन प्रोजेक्ट हासिल किया है। कंपनी ने इस ऑर्डर को ‘अल्ट्रा-मेगा’ श्रेणी में रखा है, जिससे इसकी अनुमानित कीमत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक मानी जा रही है। इस परियोजना को की हाइड्रोकार्बन इकाई ‘L&T एनर्जी हाइड्रोकार्बन ऑनशोर’ पूरा करेगी।
प्रतिष्ठित क्लाइंट के साथ हुआ समझौता
L&T ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसकी हाइड्रोकार्बन इकाई ने इस प्रोजेक्ट के लिए मध्य पूर्व के एक प्रतिष्ठित क्लाइंट के साथ अनुबंध किया है। हालांकि, व्यावसायिक गोपनीयता के कारण कंपनी ने ग्राहक और परियोजना के सटीक स्थान का खुलासा नहीं किया है। EPC मॉडल पर पूरा होगा प्रोजेक्ट यह परियोजना EPC यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन मॉडल पर आधारित है। इसके तहत प्लांट की डिजाइनिंग, जरूरी उपकरणों एवं सामग्रियों की खरीद और निर्माण तक की पूरी जिम्मेदारी L&T के पास होगी।
EPC मॉडल पर पूरा होगा प्रोजेक्ट
मानकों के अनुसार प्रोजेक्ट तैयार करके सौंपना होगा। बनाए जाएंगे दो हाई-वोल्टेज सब-स्टेशन गैस कंप्रेशन प्लांट को बड़े स्तर पर बिजली की आवश्यकता होगी। इसे देखते हुए L&T का पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार भी परियोजना से जुड़ेगा। कंपनी प्लांट के लिए 230 किलोवोल्ट क्षमता वाले दो एक्स्ट्रा-हाई-वोल्टेज सब-स्टेशन का निर्माण करेगी। प्रोजेक्ट में विकसित होंगी कई आधुनिक सुविधाएं परियोजना के अंतर्गत गैस इनलेट सुविधाओं के साथ आधुनिक गैस कंप्रेशन सिस्टम तैयार किया जाएगा।कंडेनसेट और उत्पादित पानी को संभालने की व्यवस्था
प्रोपेन रेफ्रिजरेशन सिस्टम तथा प्लांट संचालन के लिए जरूरी सहायक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। सोर गैस को प्रोसेस करेगा प्लांट यह प्लांट विशेष रूप से ‘सोर गैस’ को प्रोसेस करने के लिए तैयार किया जाएगा। सोर गैस में हाइड्रोजन सल्फाइड जैसे हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं, इसलिए इसका सुरक्षित प्रसंस्करण सामान्य प्राकृतिक गैस के मुकाबले अधिक जटिल माना जाता है। ऐसे प्लांट के निर्माण में उन्नत तकनीक और कड़े सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी होता है।
कंपनी की तकनीकी क्षमता को मिलेगी मजबूती
L&T एनर्जी हाइड्रोकार्बन ऑनशोर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रमुख ईएस सत्यनारायणन ने प्रोजेक्ट को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, यह अनुबंध कंपनी की गैस कंप्रेशन और बुनियादी ढांचा क्षमताओं को मजबूत करेगा। साथ ही जटिल हाइड्रोकार्बन परियोजनाओं को पूरा करने में L&T के अनुभव और तकनीकी दक्षता को भी प्रदर्शित करेगा। वैश्विक स्तर पर काम करती है L&T लार्सन एंड टुब्रो करीब 32 अरब डॉलर का भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह है। कंपनी दुनिया के कई देशों में EPC परियोजनाओं, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और विभिन्न तकनीकी सेवाओं के क्षेत्र में सक्रिय है।शेयर बाजार में सूचीबद्ध है कंपनी
आठ दशकों से अधिक समय में कंपनी ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कई बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर एवं ऊर्जा परियोजनाएं पूरी की हैं। शेयर बाजार में सूचीबद्ध है कंपनी L&T भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी है। इसके शेयरों की कीमत बाजार की परिस्थितियों और कारोबारी गतिविधियों के आधार पर लगातार बदलती रहती है। माना जा रहा है कि इस बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर से कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक और मध्य पूर्व में उसकी कारोबारी मौजूदगी को और सहारा मिलेगा।