देश में स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। पिछले छह महीनों में मोबाइल फोन के दाम 15 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुके हैं। सैमसंग ने अपने S25 स्मार्टफोन की
कीमत में 12 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा ओप्पो, रियलमी और वनप्लस जैसी कंपनियों ने भी चुनिंदा मॉडल महंगे किए हैं।
लैपटॉप और स्मार्टफोन में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले महीनों में स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमतों में 7 से 10 प्रतिशत तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। AI प्रोजेक्ट्स के कारण बढ़ी चिप की मांग स्मार्टफोन और लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाली DRAM, GPU और फ्लैश स्टोरेज चिप की मांग तेजी से बढ़ी है। इसकी प्रमुख वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े प्रोजेक्ट, लार्ज लैंग्वेज मॉडल और डेटा सेंटर हैं।
आखिर क्यों आई स्मार्टफोन और लैपटॉप में बढ़ोत्तरी
स्मार्टफोन और लैपटॉप महंगे होने की मुख्य वजह मेमोरी चिप और दूसरे जरूरी कंपोनेंट की बढ़ती कीमत है। AI प्रोजेक्ट्स, लार्ज लैंग्वेज मॉडल और डेटा सेंटर के विस्तार से DRAM, GPU और फ्लैश स्टोरेज की मांग तेजी से बढ़ी है। चिप निर्माता भी ज्यादा लाभ मिलने के कारण उत्पादन का बड़ा हिस्सा AI सेक्टर के लिए सुरक्षित कर रहे हैं। इससे मोबाइल और लैपटॉप कंपनियों को जरूरी कंपोनेंट सीमित मात्रा में और अधिक कीमत पर मिल रहे हैं, जिसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ रहा है।कम बजट वाले फोन में कंपनियों का मुनाफा सीमित
कम बजट वाले फोन में कंपनियों का मुनाफा पहले से सीमित होता है, इसलिए चिप और मेमोरी महंगी होने पर उनके लिए पुराने दाम बनाए रखना मुश्किल हो रहा है। स्पेसिफिकेशन में कटौती कर सकती हैं कंपनियां कंपनियों के लिए बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालना आसान नहीं है, क्योंकि इससे बिक्री प्रभावित हो सकती है। ऐसे में कुछ कंपनियां नए स्मार्टफोन की रैम, स्टोरेज, कैमरा या अन्य फीचर में कटौती कर सकती हैं।
AI प्रोजेक्ट्स के कारण बढ़ी चिप की मांग
मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट जैसी बड़ी टेक कंपनियां चिप निर्माताओं के साथ कई वर्षों के सप्लाई समझौते कर रही हैं। इससे मोबाइल और लैपटॉप कंपनियों के लिए जरूरी कंपोनेंट की उपलब्धता कम हो गई है। 10 हजार रुपए से कम वाले फोन सबसे ज्यादा प्रभावित बढ़ती कंपोनेंट लागत का सबसे ज्यादा असर 10 हजार रुपए से कम कीमत वाले स्मार्टफोन पर पड़ा है। कई एंट्री-लेवल मॉडल अब पहले से ऊंचे प्राइस सेगमेंट में पहुंच गए हैं।इसके अलावा कीमत कम दिखाने के लिए बैंक ऑफर
एक्सचेंज बोनस और चुनिंदा प्रमोशन का सहारा लिया जा सकता है। आने वाले महीनों में और बढ़ेंगी कीमतें पिछले सितंबर से मेमोरी की कीमतें करीब चार गुना तक बढ़ चुकी हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मेमोरी की लागत अगले डेढ़ से दो वर्षों तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है। कंपोनेंट की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले महीनों में स्मार्टफोन और लैपटॉप 7 से 10 प्रतिशत तक और महंगे हो सकते हैं।
आने वाले महीनों में और बढ़ेंगी कीमतें
पिछले सितंबर से मेमोरी की कीमतें करीब चार गुना तक बढ़ चुकी हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मेमोरी की लागत अगले डेढ़ से दो वर्षों तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती है। कंपोनेंट की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले महीनों में स्मार्टफोन और लैपटॉप 7 से 10 प्रतिशत तक और महंगे हो सकते हैं।