Thursday, 08 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
W 𝕏 f
होम › राजनीति › खनन कानून और राज्यों के अधिकार पर आर-पार, भूपेश ब…
भूपेश बघेल और केदार कश्यप में छिड़ी जुबानी जंग
भूपेश बघेल और केदार कश्यप में छिड़ी जुबानी जंग
राजनीति Featured

खनन कानून और राज्यों के अधिकार पर आर-पार, भूपेश बघेल और केदार कश्यप में छिड़ी जुबानी जंग

छत्तीसगढ़ में खनिज संपदा और राज्यों के अधिकारों को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम 2026 को लेकर राज्य के राजस्व और वित्तीय अधिकारों पर सवाल उठाए हैं। वहीं वन मंत्री केदार कश्यप ने आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पर भ्रम और राजनीतिक भय पैदा करने का आरोप लगाया।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 23 Aug 2026, 11:13 AM · अपडेट: 02 Oct 2026, 10:13 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और उससे जुड़े राज्यों के अधिकारों को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वन मंत्री केदार कश्यप के बीच खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर तीखी बयानबाजी सामने आई है। बघेल ने संशोधन को राज्यों के वित्तीय अधिकारों में कटौती बताते हुए केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार को घेरा है। वहीं, कश्यप ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर तथ्यों के बजाय भ्रम और राजनीतिक भय पैदा करने का आरोप लगाया है। 

महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार 

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि संसद में पारित नए संशोधन के बाद राज्य अपने यहां से निकलने वाले खनिजों पर उपकर नहीं लगा सकेंगे। उन्होंने इसे खनिज संपदा से भरपूर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के लिए गंभीर आर्थिक विषय बताया। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन और जिंक समेत कई महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार हैं। 

बघेल ने आवास और वंदे मातरम को लेकर भाजपा को घेरा 

ऐसे में खनिजों से जुड़े वित्तीय अधिकारों में किसी भी तरह का बदलाव प्रदेश के राजस्व को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कई राज्य इस संशोधन को लेकर आपत्ति जता रहे हैं, तब छत्तीसगढ़ सरकार इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रही है। खनिज के मुद्दे के साथ ही भूपेश बघेल ने स्कूलों, प्रधानमंत्री आवास योजना और वंदे मातरम को लेकर भी भाजपा को घेरा। 

बिना टेलीप्रॉम्प्टर के नहीं गा सकते वंदे मातरम 

वंदे मातरम पर चल रही राजनीतिक बहस के बीच उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा कि दोनों नेता बिना टेलीप्रॉम्प्टर के पूरा वंदे मातरम गाकर सुनाएं। बघेल के आरोपों पर वन मंत्री केदार कश्यप ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद भूपेश बघेल लगातार झूठ और भ्रम की राजनीति कर रहे हैं। खनिज संशोधन को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के हितों और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। 

लोगों के बीच डर पैदा करना कांग्रेस की राजनीति 

कश्यप के मुताबिक, भाजपा सरकार प्रदेश के विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखते हुए फैसले ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी निर्णय के वास्तविक प्रभाव और तथ्यों का आकलन किए बिना लोगों के बीच डर पैदा करना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है। वन मंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पांच साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए बघेल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता केवल आरोपों पर भरोसा नहीं करती, बल्कि सरकार के काम और उसके परिणाम को देखती है। 

राजनीतिक विवाद नहीं दिख रहा थमता

खनिजों पर राज्यों के अधिकार और राजस्व को लेकर शुरू हुआ यह राजनीतिक विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। दोनों पक्षों की ओर से जिस तरह बयानबाजी तेज हुई है, उससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी वार-पलटवार और बढ़ने के आसार हैं।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें