सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं: निलंबन से लेकर आपराधिक मामले तक की मांग
प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ आज इस मामले से जुड़ी दो मुख्य याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। अदालत में दाखिल इन अर्जियों में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं:
CEC का निलंबन: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से निलंबित करने का अनुरोध।
आदेशों और सॉफ्टवेयर बदलावों पर रोक: हाल के दिनों में जारी की गई गाइडलाइन्स, आदेशों और चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर में किए गए तकनीकी बदलावों को रद्द करने की मांग।
आपराधिक कार्रवाई: अधिकारियों द्वारा कर्तव्य के कथित उल्लंघन (Dereliction of Duty) के आरोप में CEC और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की अपील।
विवाद की जड़: क्या है SIR और क्या हैं आरोप?
इस कानूनी लड़ाई के केंद्र में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि आयोग ने नीतिगत फैसलों में संस्थागत सामूहिक सहमति की परंपरा को दरकिनार किया है।
- तकनीकी व प्रपत्र बदलाव: 'Form-6' में किए गए बदलावों और चुनावी डेटा से जुड़े नए नियमों को चुनौती दी गई है।
राज्यों के मामले: गोवा और पश्चिम बंगाल की मतदाता सूचियों में सामने आई कथित विसंगतियों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया है।
चुनाव आयोग का पक्ष: आयोग इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, किसी संवैधानिक संस्था के भीतर मतभेद होना स्वाभाविक है और आयोग द्वारा लिए गए सभी निर्णय कानून के दायरे में ही लागू किए गए हैं।
सियासी तापमान हाई: दिल्ली से केरल तक कसता शिकंजा
अदालत में सुनवाई से ठीक पहले इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान और तेज हो गया है:
सड़कों पर प्रदर्शन: रविवार को राजधानी दिल्ली और मुंबई में विरोध प्रदर्शन हुए। विपक्षी दलों ने ऐलान किया है कि वे मंगलवार को चुनाव आयोग के मुख्यालय तक एक बड़े पैदल मार्च का आयोजन करेंगे।
2006 का पुराना मामला पुनर्जीवित: इसी गहमागहमी के बीच, केरल सरकार ने 2006 के एक पुराने मामले में विजिलेंस जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। यह मामला लोक निर्माण विभाग (PWD) के सड़क प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिस दौरान ज्ञानेश कुमार राज्य में सचिव पद पर तैनात थे।
आज सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से तय होगा कि चुनाव आयोग और SIR की इस पूरी प्रक्रिया का भविष्य क्या रुख लेता है। पूरे देश की नजरें आज अदालत की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।

