नए और छूटे मतदाताओं के लिए Form 6 में बदलाव
29 सितंबर को जारी ताजा जानकारी के अनुसार, चुनाव आयोग ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में जरूरी संशोधन किए हैं।
पुराने फॉर्म का भी इस्तेमाल: सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को भेजे पत्र में स्पष्ट किया गया है कि अभियान के दौरान Form 6 के सामान्य और पुराने प्रारूप का उपयोग किया जाएगा।
सत्यापन की प्रक्रिया: आयोग ने निर्देश दिया है कि SIR की प्रक्रिया से पहले और बाद की मतदाता सूचियों का मिलान किया जाए, ताकि यह साफ हो सके कि किस क्षेत्र में कितने नाम हटे हैं या छूटे हैं।
घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे बीएलओ
जिन 20 राज्यों और यूटी में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां छूटे हुए लोगों की पहचान के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे:
डोर-टू-डोर सर्वे: बूथ लेवल अधिकारी (BLO) ऐसे मतदाताओं के घर जाकर जानकारी जुटाएंगे जिनका नाम गलती से सूची से बाहर हो गया है और उनसे मौके पर ही Form 6 भरवाएंगे।
राजनीतिक दलों का सहयोग: इस काम को तेजी से पूरा करने के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और उनके बूथ लेवल एजेंटों (BLAs) की भी मदद ली जाएगी।
निर्णय की पृष्ठभूमि:
मई के महीने में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मतदाता सूची से नाम हटने की प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की थी। इसके बाद 29 सितंबर को स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करते हुए आयोग ने पहली बार वोट देने वाले युवाओं और गलती से छूटे नागरिकों को अपना नाम दर्ज कराने का यह विशेष अवसर दिया है।