🔴 BREAKING
चुनाव
Featured
UP SIR 2026: गलत तरीके से नाम कटवाने वालों की अब खैर नहीं, UP में 2 करोड़ नए मतदाता जोड़ने का बड़ा अभियान शुरू
UP SIR 2026: उत्तर प्रदेश में SIR के बीच चुनाव आयोग ने फर्जी फॉर्म-7 के जरिए वैध मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं, 17 से 24 अक्टूबर तक विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। नए मतदाताओं को फॉर्म-6 के माध्यम से नाम जुड़वाने का अवसर मिलेगा।
UP SIR 2026: स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) को लेकर देशभर में जारी घमासान के बीच उत्तर प्रदेश चुनाव आयोग ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने साफ चेतावनी दी है कि अगर किसी ने फर्जी या गलत तरीके से 'फॉर्म-7' भरकर किसी वैध
मतदाता का नाम काटने की साजिश रची, तो उसके खिलाफ सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस संबंध में टीवी, अखबारों और सोशल मीडिया के जरिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व या राजनीतिक दल फॉर्म-7 का दुरुपयोग न कर सके।
क्या है फॉर्म-7 का मामला?
दरअसल, चुनाव आयोग की प्रक्रिया में फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से किसी मृत, स्थानांतरित या अयोग्य व्यक्ति का नाम हटाने के लिए किया जाता है। आयोग को आशंका है कि SIR की आड़ में कुछ लोग जानबूझकर जायज वोटरों का नाम कटवाने के लिए इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
यूपी में शुरू हुआ 'स्पेशल वोटर रजिस्ट्रेशन ड्राइव'
आगामी चुनावों की तैयारियों और वोटर लिस्ट को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के मकसद से शनिवार, 17 अक्टूबर से राज्यभर में विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। यह विशेष अभियान 24 अक्टूबर तक चलेगा।
इसके तहत:
छूटे हुए पात्र नागरिक: जिन युवाओं की उम्र 18 वर्ष हो चुकी है या जिनका नाम किसी कारण से लिस्ट में दर्ज होने से रह गया था, वे अपने नाम जुड़वा सकते हैं।
कैसे करें आवेदन: नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा।
आबादी के हिसाब से 2 करोड़ वोटर कम, आयोग का बड़ा लक्ष्य
उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या और मौजूदा मतदाताओं के आंकड़ों में बड़ा अंतर देखने को मिला है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक:
अनुमानित मतदाता: राज्य की कुल आबादी के अनुपात में करीब 16 करोड़ मतदाता होने चाहिए।
मौजूदा आंकड़े: SIR प्रक्रिया के दौरान फिलहाल मतदाता सूची में 14 करोड़ नाम ही सामने आए हैं।
बड़ा अंतर: इसका मतलब है कि प्रदेश में लगभग 2 करोड़ पात्र नागरिक अब भी वोटर बनने से छूटे हुए हैं।
आयोग का पूरा जोर इस बात पर है कि इन 2 करोड़ लोगों को चिह्नित कर जल्द से जल्द मतदाता सूची में शामिल किया जाए, ताकि राज्य का कोई भी नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
पारदर्शिता पर जोर: राजनीतिक दलों से साझा होगी सूची
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 17 से 24 अक्टूबर के बीच चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान जितने भी नए नाम जोड़े जाएंगे, उनकी पूरी जानकारी सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाएगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि यदि किसी नाम पर किसी को कोई आपत्ति या दावा पेश करना हो, तो उसे समय रहते और पारदर्शी तरीके से निपटाया जा सके। चुनाव आयोग का यह कदम राज्य में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।