3,225 बूथों पर घर-घर पहुंचेंगे अधिकारी
जानिए कैसे कम-ज्यादा हुई इंदौर में वोटर्स की संख्या
दिसंबर 2025 का आंकड़ा: प्रारंभिक सूची में गड़बड़ी मिलने और सत्यापन न होने के कारण 4.47 लाख नाम हटा दिए गए, जिससे 23 दिसंबर 2025 को वोटर्स की संख्या घटकर 24.20 लाख पर आ गई।
फरवरी 2026 की स्थिति: अभियान के दौरान ही 66 हजार 825 नए नाम भी जोड़े गए। फरवरी 2026 में जब अंतिम सूची का प्रकाशन हुआ, तब जिले में वोटर्स की संख्या 24.86 लाख दर्ज की गई।
मौजूदा स्थिति: वर्तमान में इंदौर जिले में कुल मतदाताओं का आंकड़ा 25 लाख 2 हजार 563 तक पहुंच चुका है।
इंदौर-5 क्षेत्र में सबसे ज्यादा नाम कटे थे
SIR प्रक्रिया के आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज्यादा गाज इंदौर-5 विधानसभा क्षेत्र पर गिरी थी, जहां अकेले 87,591 मतदाताओं के नाम सूची से गायब हो गए थे। इसके अलावा:
इंदौर-1: 75,000 वोटर्स के नाम कटे
इंदौर-2: 72,000 वोटर्स प्रभावित हुए
महू: 27,000 नाम हटाए गए
सांवेर: 24,000 नाम सूची से बाहर हुए
क्या होती है चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया?
विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग का एक नियमित और पारदर्शी तंत्र है। इसके तहत मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने के लिए समय-समय पर वेरिफिकेशन कराया जाता है। इस प्रक्रिया में BLO घर-घर जाकर नागरिकों के पहचान पत्रों और दस्तावेजों का मिलान पुराने चुनावी रिकॉर्ड से करते हैं। जांच में यदि कोई मतदाता मृत मिलता है, कहीं और शिफ्ट हो गया हो या डुप्लीकेट नाम दर्ज हो, तो उसका नाम लिस्ट से हटा दिया जाता है। हालांकि, यदि किसी वैध नागरिक का नाम गलती से कट जाता है, तो सही दस्तावेज जमा करने और आपत्ति दर्ज कराने पर उसे दोबारा सूची में शामिल करने का पूरा प्रावधान है।

