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बिलासपुर हाई कोर्ट
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हाई कोर्ट सख्त : फर्जी पोस्ट और मॉर्फ्ड वीडियो पर शिकंजा, सोशल मीडिया कंपनियों को आदेश

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भाजपा विधायक एवं पद्मश्री अनुज शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोशल मीडिया पर बढ़ती ऑनलाइन ट्रोलिंग, मॉर्फ्ड वीडियो और मानहानिकारक पोस्ट पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब सहित संबंधित प्लेटफॉर्म्स को आपत्तिजनक कंटेंट तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 27 Jul 2026, 07:54 AM · अपडेट: 26 Oct 2026, 09:07 PM
बिलासपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इंटरनेट मीडिया पर बढ़ती ऑनलाइन ट्रोलिंग और चरित्र हनन के मामलों को लेकर एक बहुत ही सख्त रुख अपनाया है। भाजपा विधायक और पद्मश्री अनुज शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ कर दिया कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब किसी की गरिमा और निजता से खिलवाड़ करना बिल्कुल नहीं है। मामले की सुनवाई जस्टिस एके प्रसाद की सिंगल बेंच में हुई। 
कोर्ट ने अनुज शर्मा और उनके परिवार के खिलाफ चलाए जा रहे आपत्तिजनक, मार्फ्ड और मानहानिकारक कंटेंट पर गहरी नाराजगी जताई और सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे तमाम विवादित पोस्ट तुरंत हटाने का कड़ा फरमान जारी किया है। अपनी याचिका में अनुज शर्मा ने अदालत के सामने पूरा माजरा रखा। उन्होंने बताया कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कई फर्जी अकाउंट्स बनाकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उनकी पुरानी मशहूर फिल्मों और गानों को एडिट व कट-पेस्ट करके, आपत्तिजनक तस्वीरें और मार्फ्ड वीडियो बनाकर अपलोड किए गए, ताकि उनकी सामाजिक और सार्वजनिक छवि को गहरी चोट पहुंचाई जा सके।

निजता और 'पर्सनालिटी राइट्स' का सीधा हनन

अदालत में अनुज शर्मा के वकीलों ने बेहद मजबूत तर्क रखे। उन्होंने कहा:

  • व्यक्तित्व अधिकार (Personality Rights): किसी भी व्यक्ति की आवाज, नाम, पहचान या तस्वीर का उसकी बिना इजाजत इस्तेमाल करना उसके पर्सनालिटी राइट्स का खुला उल्लंघन है।

  • संविधान का दायरा: इस तरह का कृत्य संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत हर नागरिक को मिले 'निजता के अधिकार' (Right to Privacy) का भी सीधा हनन करता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और क्रिएटर्स पर कसता शिकंजा

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और यह निर्देश जारी किए:

  1. कंटेंट पर तुरंत बैन: अनुज शर्मा और उनके परिवार के खिलाफ पोस्ट किए गए सभी फर्जी वीडियो, अश्लील कंटेंट, मार्फ्ड तस्वीरें और आपत्तिजनक कैरिकेचर को तुरंत हटाकर ब्लॉक किया जाए।

  2. नोटिस जारी: फर्जी अकाउंट चलाने वाले एडमिन्स, चैनल संचालकों और संबंधित कंटेंट क्रिएटर्स को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

  3. गैर-कानूनी इस्तेमाल पर जवाबतलब: किसी भी व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल बिना अनुमति कमर्शियल फायदे या दुष्प्रचार के लिए करने पर कोर्ट ने स्पष्टीकरण मांगा है।

हमले को आजादी का नाम नहीं दिया जा सकता" — अनुज शर्मा  
इस पूरे मामले पर अपनी बात रखते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा, "मैं लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा सम्मान करता हूं, लेकिन इसकी आड़ में किसी के परिवार की निजता और सम्मान की धज्जियां उड़ाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए ही मुझे अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। मेरी लड़ाई जनता या मीडिया से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के इस खतरनाक दुरुपयोग के खिलाफ है।"
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