CG weather update: बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी, खेतों में बिछी धान की फसल
CG weather update: रायपुर और महासमुंद में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी और कटी हुई धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। सब्जियों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। संभावित नुकसान का वास्तविक आकलन कृषि और राजस्व विभाग के सर्वे के बाद ही स्पष्ट होगा।
प्रकाशित: 29 Oct 2026, 08:18 AM· 4 मिनट पढ़ने का समय
रायपुर/महासमुंद
स्रोत: स्वयं रिपोर्ट
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
CG weather update: बंगाल की खाड़ी में उठे भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclonic Storm Arnab) के प्रभाव से राजधानी रायपुर और पड़ोसी महासमुंद जिले समेत मध्य छत्तीसगढ़ में मौसम का मिज़ाज पूरी तरह बिगड़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा अपडेट के अनुसार, इस मौसमी तंत्र के चलते रायपुर और महासमुंद क्षेत्र में रुक-रुक कर भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर बना हुआ है। अचानक हुई इस बेमौसम बारिश और अंधड़ ने जहाँ आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं सबसे ज्यादा मार किसान भाइयों पर पड़ी है।
आईएमडी (IMD) का मौसम पूर्वानुमान: आज और कल कैसा रहेगा हाल?
मौसम विभाग (IMD) रायपुर केंद्र के अनुसार, चक्रवात 'अर्नब' उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। हालांकि, इसके प्रभाव से वायुमंडल में प्रचुर मात्रा में नमी आ रही है।
आज का मौसम (29 अक्टूबर):रायपुर और महासमुंद जिले में दिनभर बादल छाए रहेंगे। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की चेतावनी (येलो/ऑरेंज अलर्ट) जारी की गई है। अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा रही है।
कल का मौसम (30 अक्टूबर):कल से बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आने की संभावना है।हालांकि, महासमुंद और रायपुर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने और बिजली चमकने की आशंका बनी रहेगी। 31 अक्टूबर के बाद से मौसम धीरे-धीरे साफ होने की उम्मीद जताई गई है।
किसनों की फसल खेतों में बर्बादकिसानों पर आफत की मार: खेतों में पकी फसलें हुई धाराशायी
इस समय रायपुर और महासमुंद जिले के ग्रामीण अंचलों में धान की कटाई का काम जोरों पर था। कई किसानों की फसल कटकर खेतों में खलिहान सजाने के लिए रखी थी, तो कहीं धान की बालियां पूरी तरह पककर तैयार खड़ी थीं।
अचानक आई इस तेज बारिश और आंधी के कारण:
धान की फसल गिरी: हवा और पानी के थपेड़ों से खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह बिछ (लोडिंग) गई है।
सड़ने का खतरा: खेतों में पानी भरने से कटी हुई फसल डूब गई है, जिससे धान के अंकुरित होने और काली पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
सब्जी की फसलों को चपत: महासमुंद और रायपुर के मैदानी इलाकों में उगाई गई टमाटर, गोभी, मिर्च और बैंगन जैसी मौसमी सब्जियों की फसलों को भी भारी क्षति पहुंची है।
करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान
प्राथमिक मैदानी आकलन और किसान संघों की मानें तो केवल रायपुर और महासमुंद जिले के हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को सीधा असर पहुंचा है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, दोनों जिलों को मिलाकर करोड़ों रुपये के धान और सब्जियों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। अंतिम और सटीक नुकसान का आंकड़ा राजस्व और कृषि विभाग द्वारा पानी उतरने के बाद किए जाने वाले संयुक्त सर्वेक्षण (गिरदावरी) के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
प्रशासन और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह
मौसम के रुख को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि:
खेतों में पानी की निकासी का तुरंत प्रबंध करें ताकि कटी हुई फसल पानी में डूबी न रहे।
काटी गई फसल को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों या तिरपाल से ढंककर रखें।
जब तक मौसम पूरी तरह साफ न हो जाए, तब तक धान की कटाई या थ्रेशिंग (मिसाई) का काम स्थगित रखें।
प्रशासन की ओर से भी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है और नुकसान के आकलन के लिए निर्देश जारी किए जा रहे हैं।