Crime News: ब्याज के नाम पर मनमाने पैसे वसूलने वाली मां-बेटी गिरफ्तार, लाखों कैश और कोरे स्टाम्प जब्त
Crime News: दुर्ग के वैशालीनगर में कथित सूदखोरी और धमकी देने के मामले में पुलिस ने मां-बेटी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई में करीब 3.80 लाख रुपये नकद और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
प्रकाशित: 29 Oct 2026, 08:43 AM· 4 मिनट पढ़ने का समय
दुर्ग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Crime News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सूदखोरी (ब्याज के खेल) का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। पैसों की मजबूरी का फायदा उठाकर लोगों का खून चूसने वाली एक मां-बेटी को पुलिस ने शिकंजे में ले लिया है। आरोपी महिलाएं कर्जदारों से मूलधन से कई गुना ज्यादा रकम वसूलने के बाद भी जान से मारने की धमकियां दे रही थीं। वैशालीनगर थाना पुलिस ने इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकदी, कोरे स्टाम्प पेपर और ब्लैंक चेक बरामद किए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला दुर्ग जिले के वैशालीनगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने जिन दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान बबली साहू उर्फ बबली निरंजन (42) और उसकी बेटी ज्योति निरंजन (27) के रूप में हुई है। खास बात यह है कि मुख्य आरोपी बबली के खिलाफ पहले से ही सुपेला थाने में कर्जा एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।
72,500 चुकाने के बाद भी मांग रहे थे डेढ़ लाख रुपये
वैशालीनगर निवासी पूनम मनोज कुमार ने 27 अक्टूबर को थाने में इस जुल्म की दास्तां बयां करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। पूनम ने पुलिस को बताया कि उसने साल 2024 में अपनी जरूरत के लिए 50 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। गारंटी के तौर पर उसने सूदखोरों को ब्लैंक चेक और साइन किए हुए कोरे स्टाम्प पेपर दिए थे। पूनम ने हिम्मत जुटाकर बताया कि उसने 29 हफ्तों तक हर हफ्ते 2,500 रुपये के हिसाब से कुल 72,500 रुपये चुका दिए थे—यानी मूलधन से काफी ज्यादा राशि दी जा चुकी थी। इसके बावजूद, आरोपियों की भूख शांत नहीं हुई और वे उससे 1 लाख 50 हजार रुपये और मांग रहे थे।
देरी होने पर मिलती थी जान से मारने की धमकी
पीड़िता का आरोप है कि पैसे देने में थोड़ी भी देर होने पर ये महिलाएं अपना असली रूप दिखाती थीं। घर पहुंचकर गंदी-गंदी गालियां देना और परिवार को जान से खत्म करने की धमकी देना इनका रोज का नियम बन गया था। सिर्फ पूनम ही नहीं, उसकी सहेली सुमिता तब्बोली भी इस अवैध वसूली का शिकार हुई थी। सुमिता ने 1 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे और 28 हफ्तों तक हर हफ्ते 5 हजार रुपये के हिसाब से कुल 1 लाख 40 हजार रुपये चुका चुकी थी। इसके बावजूद उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
नकदी, ब्लैंक चेक और कोरे स्टाम्प पेपर जब्तछापेमारी में मिला नोटों का जखीरा और डायरियां
शिकायत मिलते ही वैशालीनगर पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी।
तलाशी के दौरान मुख्य आरोपी बबली साहू के पास से 99,900 रुपये नकद मिले।
इसके अलावा सीमा यादव के मकान की तलाशी में करीब 2 लाख 80 हजार रुपये बरामद हुए।
इस तरह पुलिस ने कुल 3 लाख 79 हजार 900 रुपये नकद जब्त किए हैं।
नकद के अलावा पुलिस ने सूदखोरी का काला चिट्ठा खोलने वाली हिसाब-किताब की डायरियां, अलग-अलग बैंकों के ब्लैंक चेक और कोरे स्टाम्प पेपर भी अपने कब्जे में ले लिए हैं।
पुराना अपराधी है परिवार, पहले से दर्ज हैं मामले
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि बबली साहू शातिर किस्म की है। उसके खिलाफ सुपेला थाने में पहले से ही कर्जा एक्ट और अन्य धाराओं के तहत दो मामले (अपराध क्रमांक 138/2026 और 1138/2026) दर्ज हैं। वैशालीनगर पुलिस ने दोनों मां-बेटी को 28 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 308(5), 3(5) और कर्जा एक्ट की धारा 4 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस धंधे में शामिल एक अन्य फरार आरोपी की तलाश कर रही है, जिसे जल्द ही पकड़ने का दावा किया जा रहा है।