Durg News: पिकअप से मिले 4 करोड़ रुपए, गुप्त चेंबर में छिपाई थी नकदी
Durg News: खुर्सीपार क्षेत्र में पुलिस ने एक पिकअप वाहन के गुप्त चेंबर से 4 करोड़ रुपए नकद बरामद किए हैं। रायपुर से नागपुर जा रहे वाहन में सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस नकदी के स्रोत और हवाला से संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
प्रकाशित: 26 Oct 2026, 11:52 AM· 3 मिनट पढ़ने का समय
दुर्ग
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Durg News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने एक पिकअप वाहन से 4 करोड़ रुपए नकद बरामद किए हैं। रकम को गाड़ी के पिछले हिस्से में बनाए गए गुप्त चेंबर में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने वाहन में सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती आशंका है कि यह रकम हवाला से जुड़ी हो सकती है और इसे रायपुर से नागपुर ले जाया जा रहा था। हालांकि, नकदी के स्रोत और इसे ले जाने के उद्देश्य की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
डबरापारा में जांच के दौरान पकड़ा गया वाहन
यह कार्रवाई दुर्ग जिले के खुर्सीपार थाना क्षेत्र के डबरापारा में 26 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे की गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान रायपुर से नागपुर की ओर जा रही सफेद रंग की बोलेरो मैक्स पिकअप (CG 04 QU 5996) को रोककर तलाशी ली गई।
पिकअप के गुप्त चेंबर की जांच करती पुलिस टीमगाड़ी के पिछले हिस्से में मिला गुप्त चेंबर
पुलिस को पिकअप के पिछले हिस्से की बनावट देखकर संदेह हुआ। वाहन का यह हिस्सा सामान्य से अलग तरीके से बंद किया गया था, जिससे अंदर रखी सामग्री आसानी से दिखाई नहीं दे रही थी। संदेह के आधार पर पुलिस ने बारीकी से जांच की तो एक गुप्त चेंबर मिला। चेंबर खोलने पर उसमें बड़ी मात्रा में नकदी रखी हुई मिली। गिनती के दौरान कुल 4 करोड़ रुपए बरामद होने की जानकारी सामने आई। इतनी बड़ी रकम को इस तरह छिपाकर ले जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
वाहन में सवार दो लोगों से पूछताछ
पुलिस के मुताबिक, पिकअप में दो लोग मौजूद थे। उनकी पहचान भवेशभाई जीनाभाई डाभी और विष्णुदेव दुबे के रूप में हुई है। डाभी वाहन चला रहा था। दोनों को हिरासत में लेकर रकम से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नकदी किसकी है, इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था और इसे ले जाने के लिए रायपुर से नागपुर का रास्ता क्यों चुना गया। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
आयकर विभाग को भी दी जा सकती है जानकारी
जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि पिकअप में गुप्त चेंबर कब बनवाया गया और इसे तैयार कराने के पीछे किसका हाथ था। पुलिस नकदी के स्रोत, उससे संबंधित दस्तावेजों और वाहन में सवार लोगों के बयानों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मामले की जानकारी आयकर विभाग को भेजने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि बरामद रकम के वित्तीय स्रोत की जांच हो सके। फिलहाल हवाला से जुड़े होने की आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही नकदी के वास्तविक मालिक और उसके इस्तेमाल के उद्देश्य को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।