Durg RPF Arrest: 5 साल बाद शिकंजे में आए रेल संपत्ति चोरी के दो आरोपी, आरपीएफ ने गांव से दबोचा
Durg RPF Arrest: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने रेलवे संपत्ति चोरी के वर्ष 2021 के दो मामलों में फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर से जारी वारंट के आधार पर 26 अक्टूबर को दोनों को दल्लीराजहरा से पकड़ा गया। RPF के अनुसार, पिछले एक साल में पुराने मामलों में कुल 32 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
Durg RPF Arrest: रेलवे संपत्ति की चोरी के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) दुर्ग ने आखिरकार दबोच लिया है। मामला पांच साल पुराना है, जिसमें विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर से दोनों के खिलाफ अस्थायी गिरफ्तारी
वारंट जारी किए गए थे। आरपीएफ की मुस्तैद टीम ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों को उनके पैतृक गांव से धर दबोचा और अदालत में पेश किया।
क्या है पूरा मामला?
आरपीएफ सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2021 में रेल संपत्ति चोरी से जुड़े दो अलग-अलग मामले दुर्ग पोस्ट में दर्ज किए गए थे। इन मामलों में लंबे समय से सुनवाई चल रही थी और आरोपी अदालत में पेश नहीं हो रहे थे, जिसके चलते विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर ने गत 28 सितंबर को दोनों के खिलाफ अस्थायी गिरफ्तारी वारंट (NWB) जारी किए थे। वारंट मिलने के बाद आरपीएफ दुर्ग पोस्ट के प्रभारी के मार्गदर्शन में एक
विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सहायक उप निरीक्षक निरंजन, आरक्षक एचआर सैनी और आरक्षक एसआर मीना शामिल थे। टीम लगातार इनकी सुरागकशी में जुटी हुई थी।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पहला मामला:
बालोद जिले के दल्लीराजहरा निवासी केवल सिंह हलवा (उम्र 44 वर्ष, पिता पुनीत राम हलवा) को गिरफ्तार किया गया है। इसके खिलाफ आरपीएफ पोस्ट दुर्ग में अपराध क्रमांक 04/2021 दर्ज है, जिसका न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक 9406/2021 है।
दूसरा मामला:
इसी तरह, दूसरे मामले में भी दल्लीराजहरा (बालोद) के ही रहने वाले नरेन्द्र उर्फ कन्नू बन गोस्वामी (उम्र 36 वर्ष, पिता जोईधा बन गोस्वामी) को दबोचा गया है। इसके खिलाफ अपराध क्रमांक 06/2021 दर्ज है और इसका न्यायालय प्रकरण क्रमांक 9407/2021 है।
26 अक्टूबर को मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर आरपीएफ टीम ने दोनों के गांवों में दबिश दी और उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर के समक्ष पेश किया गया, जहां से आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की गई।
एक साल में 32 आरोपियों की गिरफ्तारी
आरपीएफ दुर्ग इकाई अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। अधिकारियों के मुताबिक, पुराने मामलों में अदालत से जारी वारंट की तामील के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पिछले एक साल के भीतर विभिन्न पुराने मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। क्या आप इस खबर से संबंधित किसी अन्य मामले या आरपीएफ की किसी और कार्रवाई की जानकारी भी इसमें जोड़ना चाहते हैं?