Theft Case: राजधानी के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कपड़ा कारोबारी की एक्टिवा से 53 लाख रुपए से भरा बैग चोरी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने वारदात से पहले करीब एक सप्ताह तक कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रखी थी। चोरी के बाद नकदी को घर में गीजर के अंदर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों के बीच छिपाकर रखा गया था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पूरी 53 लाख रुपए की नकदी बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इसके अलावा आरोपियों के तीन बैंक खातों को फ्रीज कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 54 लाख रुपए है।
पान खाने रुके कारोबारी, एक्टिवा से गायब हो गया नकदी का बैग
पुलिस के अनुसार, शैलेन्द्र नगर निवासी किशोर बलवानी पंडरी कपड़ा मार्केट में रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाते हैं। 9 अक्टूबर को सुबह करीब 11:40 बजे वह अपने घर से दुकान जाने के लिए निकले थे। उनके पास सफेद कपड़े के एक बैग में 53 लाख रुपए रखे हुए थे, जिसे उन्होंने अपनी एक्टिवा के सामने पायदान पर रखा था। रास्ते में कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास अप्पू पान ठेले के सामने उन्होंने अपनी एक्टिवा खड़ी की और पान खाने चले गए। करीब पांच मिनट बाद जब वह वापस लौटे, तो वाहन से नकदी से भरा बैग गायब था। घटना के बाद उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
हजारों CCTV फुटेज खंगालने के बाद मिली सफलता
53 लाख रुपए की चोरी को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई। फुटेज में बिना नंबर प्लेट की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध नजर आए, जो वारदात के बाद मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने उनके भागने के संभावित रास्तों पर लगे हजारों कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया।
जांच में सामने आया कि संदिग्ध अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार कपड़े बदल रहे थे। साथ ही, वे सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों की पहचान मनीष यदु और कमलेश कुशवाहा के रूप में की। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
एक सप्ताह तक कारोबारी की गतिविधियों पर रखी नजर
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, दोनों पिछले करीब एक सप्ताह से कारोबारी की दिनचर्या पर नजर रख रहे थे। उन्हें पता था कि कारोबारी किस समय घर से दुकान के लिए निकलते हैं और आमतौर पर किस रास्ते से जाते हैं। 9 अक्टूबर को कारोबारी के घर से निकलते ही दोनों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास जैसे ही कारोबारी पान खाने के लिए रुके, आरोपियों ने एक्टिवा के सामने रखे नकदी के बैग को उठाया और फरार हो गए। वारदात के बाद दोनों ने चोरी की रकम को अपने घरों में अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 53 लाख रुपए बरामद किए। जांच में यह भी सामने आया कि नकदी का कुछ हिस्सा उनके तीन बैंक खातों में जमा कराया गया था। पुलिस ने इन खातों को फ्रीज करा दिया है।दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी दर्ज हो चुके हैं मामले
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मनीष यदु की उम्र 39 वर्ष है और वह डीडी नगर के सेक्टर-2 का निवासी है। उसके खिलाफ सिविल लाइन थाने में मारपीट और जुआ अधिनियम के तहत पहले भी मामले दर्ज हो चुके हैं। इन मामलों में वह जेल जा चुका है। वर्ष 2012 में आजाद चौक थाने में नकदी लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में भी उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। वहीं, दूसरा आरोपी कमलेश कुशवाहा 36 वर्ष का है और टाटीबंध का निवासी है।
वह भी पूर्व में सिविल लाइन थाने में दर्ज मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ चोरी में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और नकदी से जुड़े बैंक खातों पर कार्रवाई की है। इस तरह रायपुर के चर्चित 53 लाख रुपए की चोरी के मामले का खुलासा किया गया।







