Mahasamund Crime News: शहर के भलेसर रोड स्थित कार गैरेज के पास बीती रात एक दर्दनाक वारदात सामने आई है। मुक्तिधाम के पास आयोजित एक शादी कार्यक्रम में खाना खाने गए युवकों के बीच उपजे विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि रायपुर से आए कैटरिंग वर्करों ने एक युवक पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे पहले जिला अस्पताल और फिर हालत गंभीर होने पर सोहम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बीएनएस की धारा 109(1) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रार्थी कृष्णा आर्य (उम्र 21 वर्ष), जो वार्ड नंबर 10 इमलीभाठा, महासमुंद का रहने वाला है और रायपुर के आमानाका क्षेत्र स्थित प्रशांत गैरेज में मोटर स्प्रे पेंटिंग का काम करता है, 24 अक्टूबर की रात काम खत्म कर ट्रेन से अपने घर महासमुंद लौटा था। 25 अक्टूबर की रात उसने अपने जीजा अमन गोहेल को फोन किया, जो कि मुक्तिधाम के पास चल रही एक शादी पार्टी में काम कर रहे थे। जीजा के बुलाने पर कृष्णा अपने छोटे भाई युवराज आर्य और दोस्त आलोक सावरा के साथ पार्टी में खाना खाने पहुंचा था। खाना खाने के बाद वे सब बाहर खड़े होकर बातचीत कर रहे थे।
मामूली बात पर शुरू हुआ विवाद
रात करीब साढ़े बारह बजे जब पार्टी समाप्त हुई, तो वहां काम करने वाले कुछ अन्य लड़के बाहर आए। इसी दौरान किसी बात को लेकर कृष्णा आर्य और रायपुर के संतोषी नगर निवासी सुशील के बीच कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों एक-दूसरे को गालियां देने लगे। बीच-बचाव करने आए छोटे भाई युवराज ने दोनों को शांत कराया। इसके बाद आरोपी सुशील, आबिद आलम और इमरान (सभी निवासी संतोषी नगर, रायपुर) ऑटो रिक्शा में बैठकर जाने लगे। जाते वक्त सुशील ने कृष्णा को फिर से गाली दी, जिस पर कृष्णा गाड़ी रोकने के लिए उसके पीछे दौड़ा।ऑटो में खींचकर किया जानलेवा हमला
पीड़ित कृष्णा ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उसे जबरन अपनी गाड़ी में खींच लिया और जान से मारने की धमकी देने लगे। चलती गाड़ी में सुशील ने उसका दाहिना हाथ और आबिद ने बायां हाथ पकड़ लिया, जबकि इमरान ने अपने पास रखे धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर जब उसके जीजा, भाई और दोस्त मौके पर दौड़े, तो आरोपियों ने उसे नीचे उतार दिया और फरार हो गए। हमले में कृष्णा के शरीर के कई हिस्सों से खून बह रहा था। परिवारवालों ने तुरंत उसे महासमुंद जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सोहम अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना महासमुंद में उप निरीक्षक शिवकुमार द्वारा अस्पताल पहुंचकर प्रार्थी का बयान दर्ज किया गया और देहाती नालसी तैयार की गई। पुलिस ने आरोपियों आबिद आलम, इमरान और सुशील के खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1) के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।







