मंत्रालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग
जिलों के कलेक्टर और एसपी को सख्त निर्देश
शासन की ओर से प्रदेश के सभी जिलों के जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को 27 से 29 अक्टूबर तक विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है। मुख्य दिशा-निर्देशों के तहत:
सभी जिलों में कंट्रोल रूम को चौबीसों घंटे (24x7) एक्टिव रखने के आदेश दिए गए हैं।
फील्ड के अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखते हुए हर घंटे की अपडेट रिपोर्ट सीधे मंत्रालय भेजने को कहा गया है।
बस्तर संभाग पर सबसे बड़ा संकट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस चक्रवात का सबसे ज्यादा और खतरनाक असर दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर संभाग में पड़ सकता है। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव जैसे जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और मूसलाधार से अति भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने इन जिलों के कलेक्टरों को विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं। खासकर जलभराव और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।आपदा से निपटने के लिए सरकार के 5 बड़े कदम
किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने और जान-माल के नुकसान को शून्य पर लाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने पुख्ता इंतजाम किए हैं:
राहत शिविरों की तैयारी: सभी प्रभावित जिलों में तुरंत राहत शिविर तैयार किए जा रहे हैं, जहां खाने-पीने की सामग्री, शुद्ध पेयजल और जरूरी जीवन रक्षक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।
संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं: गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा रहा है। हालात को देखते हुए अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
किसानों के लिए एडवाइजरी: बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से धान व अन्य फसलों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए कृषि विभाग को तुरंत एडवाइजरी जारी करने को कहा गया है, ताकि किसान अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचा सकें।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती: राहत और बचाव कार्यों के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीमों को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है। विशेष तौर पर बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां भेजी जा रही हैं।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।







