खैरागढ़ की प्रमुख बाजार इन दिनों अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। मुख्य बाजार, मस्जिद चौक, गोल बाजार, बक्शी मार्ग से लेकर इतवारी बाजार तक सड़कें सिकुड़ गई हैं। दुकानदारों द्वारा नालियों के ऊपर स्थायी सीढ़ियां बना दी गई हैं और दुकान का सामान सड़क तक फैला दिया गया है। इसके चलते आम नागरिकों का चलना तक मुश्किल हो गया है।
जाम की स्थिति: दो बाइक का निकलना भी मुश्किल
स्थानीय लोगों के मुताबिक दुकानों के सामने पहले से अतिक्रमण है, ऊपर से ग्राहक अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन सड़क पर ही खड़े कर देते हैं। ऐसे में स्थिति यह बन गई है कि एक वाहन खड़ा होते ही दूसरा निकल नहीं पाता। कई जगह तो दो मोटरसाइकिलों का आमने-सामने निकलना भी मुश्किल हो गया है।
2 मिनट का रास्ता अब 15-20 मिनट
बाजार में ट्रैफिक की स्थिति इतनी खराब है कि जहां सामान्य दिनों में 2 मिनट लगते थे, अब वहां 15-20 मिनट तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।

प्रशासन पर निष्क्रियता के आरोप
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस और नगर पालिका इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। त्योहारों के दौरान अस्थायी व्यवस्था जरूर की जाती है, लेकिन सामान्य दिनों में हालात जस के तस बने रहते हैं। पहले नोटिस जारी किए गए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
पार्षद बोले— आवेदन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
वार्ड 7 के पार्षद अजय जैन ने बताया कि उन्होंने लिखित में शिकायत की है और एसडीएम स्तर पर बैठक भी हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि दुकानदारों द्वारा सड़क तक सामान फैलाने से आम लोगों और व्यापारियों दोनों को परेशानी हो रही है।
“मुंहदेखी कार्रवाई होती है”
स्थानीय प्रदीप अग्रवाल का आरोप है कि नगर पालिका की कार्रवाई समान नहीं होती। जहां प्रभावशाली लोगों के प्रतिष्ठान हैं, वहां सख्ती नहीं दिखाई जाती, जबकि कमजोर वर्ग पर कार्रवाई होती है।
“सख्ती और भारी फाइन जरूरी”
पत्रकार संघ अध्यक्ष जितेंद्र गौर का कहना है कि कई बार चेतावनी के बावजूद दुकानदार नियमों का पालन नहीं करते। उन्होंने सख्त कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाने की मांग की है, ताकि स्थायी समाधान निकल सके।
दुर्घटना का खतरा बढ़ा
अधिवक्ता राजीव चंद्राकर ने कहा कि अतिक्रमण के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को भी जिम्मेदारी समझनी होगी और नियमों का पालन करना होगा।
“राजनीतिक संरक्षण से बिगड़ी स्थिति”
स्थानीय युवा संदीप राजपूत का आरोप है कि अतिक्रमण को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण समस्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने बिना दबाव के सख्त कार्रवाई की मांग की है।
6-7 दिन में कार्रवाई का आश्वासन
एसडीएम टंकेश्वर साहू ने कहा कि आवंटन की प्रक्रिया जारी है और 6-7 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
CMO बोले— सख्त कार्रवाई होगी
नगर पालिका के सीएमओ पुनीत वर्मा ने कहा कि उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है और जल्द ही अभियान चलाकर नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
