बागबाहरा क्षेत्र के सीमावर्ती ग्राम मुनगासेर में रविवार रात एक गंभीर घटना सामने आई, जहां गांव के चौक में स्थापित राधाकृष्ण की प्रतिमा के साथ तोड़-फोड़ की गई और उस पर ओढ़ाए गए वस्त्रों को आग लगा दी गई। इसी रात गांव के पेट्रोल पंप में खड़ी एक कार के कांच भी तोड़ दिए गए।
घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर एक युवक की पहचान की गई है। बताया जा रहा है कि वह नवागांव का रहने वाला है और मानसिक रूप से विक्षिप्त है।
सुबह पूजा के दौरान हुआ खुलासा
सोमवार सुबह जब एक व्यक्ति पूजा करने पहुंचा, तब उसने देखा कि राधा जी की प्रतिमा का बायां हाथ टूटा हुआ है और चुनरी जली हुई है। वहां पूजा का सामान भी बिखरा पड़ा था, जिससे घटना की जानकारी पूरे गांव में तेजी से फैल गई।
पेट्रोल पंप पर भी तोड़-फोड़
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गांव के जय किसान फ्यूल्स पेट्रोल पंप में खड़ी मालिक की कार के कांच भी उसी रात तोड़े गए थे। इस घटना का संबंध भी उसी युवक से जोड़ा जा रहा है। इस घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी युवक पहले भी इस तरह की घटनाएं कर चुका है, लेकिन मानसिक स्थिति के कारण उस पर सख्त कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
पुलिस कार्रवाई और समझौते की बात
थाने में शिकायत दर्ज कर दी गई है। थाना प्रभारी शशांक पौराणिक के अनुसार, आरोपी के पिता ने मूर्ति की मरम्मत और युवक के इलाज की जिम्मेदारी लेने की बात कही है, जिस पर समझौते की कोशिश की जा रही है। गांव के लोगों ने बताया कि इससे पहले भी गांजर, भदरसी सहित कई गांवों में मंदिरों में तोड़-फोड़ और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे लोगों में चिंता बनी हुई है।
जनप्रतिनिधि की प्रतिक्रिया
इस घटना पर विधायक द्वारिकाधीश यादव ने चिंता जताते हुए एसपी महासमुंद से मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
