छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं को प्रतिबंधित मांस (गौमांस) की तस्करी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। पकड़ी गई महिलाएं रायपुर की ओर से ट्रेन के माध्यम से बिलासपुर पहुंची थीं। उनके पास मौजूद सूटकेस की जब तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए।
पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध महिलाएं भारी मात्रा में गौमांस लेकर शहर में दाखिल होने वाली हैं। सूचना के आधार पर तोरवा थाना पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की। जैसे ही हुलिए से मिलती-जुलती दो महिलाएं स्टेशन से बाहर निकलने की कोशिश करने लगीं, पुलिस ने उन्हें रोक लिया। शुरुआती पूछताछ में महिलाएं घबराने लगीं, जिससे संदेह गहरा गया। जब उनके पास मौजूद भारी-भरकम सूटकेस को खुलवाया गया, तो उसमें लगभग 10 किलो से अधिक गौमांस बरामद हुआ।
तनाव की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी जैसे ही शहर में फैली, हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ गौ सेवक और स्थानीय लोग तोरवा थाने के बाहर एकत्रित हो गए और नारेबाजी करने लगे। इससे इलाके में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी, जिसे पुलिस ने सूझबूझ से नियंत्रित किया।
पकड़ी गई महिलाओं की पहचान शहर के मगरपारा इलाके की निवासियों के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
बड़े सिंडिकेट की आशंका
पुलिस अब इस मामले के मुख्य स्रोत का पता लगाने में जुटी है। जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
यह मांस रायपुर के किस इलाके से लाया गया था?
बिलासपुर में इसकी सप्लाई किसे की जानी थी?
क्या इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा संगठित गिरोह (सिंडिकेट) काम कर रहा है?
तोरवा थाना प्रभारी के अनुसार, महिलाओं से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध कारोबार की पूरी चेन का पर्दाफाश किया जा सके। फिलहाल, पुलिस सभी वैज्ञानिक और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
