छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) परीक्षाओं के बहुप्रतीक्षित परिणाम आज आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष के परिणाम न केवल उत्साहजनक रहे हैं, बल्कि पिछले वर्ष की तुलना में सफलता के ग्राफ में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ की बेटियों ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में बाजी मारी है। महासमुंद की संध्या नायक के साथ जिले की चार बेटियां परीरानी प्रधान, रानू साहू और रेणुका प्रधान ने मेरिट में स्थान बनाया है।
हाईस्कूल परिणाम: सफलता में 0.62% का सुधार
हाईस्कूल परीक्षा में इस वर्ष कुल 3,14,953 परीक्षार्थियों के परिणाम जारी किए गए, जिनमें से 2,43,016 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की। इस वर्ष कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 77.15% रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 0.62% अधिक है।
बालिकाओं का वर्चस्व: छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत 81.03% रहा, जबकि छात्रों का प्रतिशत 72.27% दर्ज किया गया।
श्रेणीवार प्रदर्शन: कुल सफल छात्रों में से 1,40,108 ने प्रथम श्रेणी, 96,721 ने द्वितीय श्रेणी और 6,187 ने तृतीय श्रेणी हासिल की।
अन्य विवरण: लगभग 19,347 विद्यार्थी एक या दो विषयों में अनुत्तीर्ण रहे हैं, जिन्हें आगामी पूरक परीक्षा का अवसर मिलेगा।
हायर सेकेंडरी: 83% से अधिक छात्र हुए सफल
कक्षा 12वीं (हायर सेकेंडरी) के नतीजों में भी सुधार का रुख बरकरार रहा। यहाँ कुल 2,43,898 परीक्षार्थियों के परिणाम घोषित किए गए, जिनमें से 2,02,549 विद्यार्थी सफल हुए। इस वर्ष का कुल सफलता प्रतिशत 83.04% रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.17% अधिक है।
छात्राओं का प्रदर्शन: बालिकाओं ने 86.04% सफलता दर के साथ अपना दबदबा बनाए रखा, जबकि बालकों का प्रतिशत 78.86% रहा।
गुणवत्ता: 1,27,334 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी के साथ परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
परीक्षा प्रबंधन और उपलब्धता
मंडल ने इस वर्ष परीक्षा के सफल संचालन के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। हाईस्कूल के लिए 2,510 और हायर सेकेंडरी के लिए 2,395 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए परिणाम मंडल की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ डिजीलॉकर और अन्य शैक्षणिक पोर्टलों पर भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
अध्यक्ष का संदेश: सफल को बधाई, असफल को प्रोत्साहन
मंडल की अध्यक्ष ने परीक्षा के सुचारू आयोजन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने सफल छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा:
"जो विद्यार्थी इस बार सफल नहीं हो पाए हैं, वे निराश न हों। असफलता केवल एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। 'अवसर परीक्षा' के माध्यम से वे पुनः प्रयास कर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।"
