झारखंड के लातेहार जिले से मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। बरवाडीह थाना क्षेत्र के अंतर्गत छिपादोहर पश्चिमी रेंज के घने गुरिकरम जंगल में जंगली बायसन (जंगली भैंसा) के हमले में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है।
महुआ चुनने गई थीं महिलाएं, लौटकर नहीं आईं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोरवाई गांव के दोरमा टोला निवासी 64 वर्षीय शिलामनिया देवी और जोड़री टोला की 50 वर्षीय शांति कुंवर सोमवार को प्रतिदिन की तरह महुआ एकत्र करने के लिए पास के जंगल में गई थीं। उनके साथ एक अन्य महिला भी मौजूद थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे एक आक्रामक जंगली बायसन ने अचानक तीनों महिलाओं पर हमला कर दिया। बायसन का हमला इतना भीषण और हिंसक था कि शिलामनिया देवी और शांति कुंवर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
देर रात तक घर न लौटने पर शुरू हुई तलाश
जब देर शाम तक तीनों महिलाएं घर नहीं लौटीं, तो परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद मंगलवार को जंगल के भीतर दोनों महिलाओं के क्षत-विक्षत शव बरामद किए गए। तीसरी महिला को स्थानीय लोगों की मदद से बचा लिया गया और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
लगातार हमले से दहशत में ग्रामीण
स्थानीय लोगों के अनुसार, यही बायसन इससे पहले भी क्षेत्र में एक अन्य महिला पर हमला कर चुका है, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। लगातार हो रहे इन हमलों के कारण बरवाडीह और छिपादोहर क्षेत्र के ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल है। लोग अब जंगल जाने से भी डरने लगे हैं, जिससे उनकी आजीविका पर भी असर पड़ रहा है।
प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही बरवाडीह पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लातेहार सदर अस्पताल भेज दिया गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सरकार की ओर से मिलने वाली शेष 3.50 लाख रुपये की मुआवजा राशि भी जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी।
ग्रामीणों की मांग: सुरक्षा व्यवस्था हो मजबूत
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जंगल के आसपास बसे गांवों में वन्यजीवों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए नियमित निगरानी, गश्त और चेतावनी प्रणाली लागू की जानी चाहिए। फिलहाल पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और लोग जंगल जाने से कतरा रहे हैं। प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।

