छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम आमागांव से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ जमीन बंटवारे के मामूली विवाद ने इतना उग्र रूप ले लिया कि एक छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई को कमरे में बंधक बनाकर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना में बड़े भाई की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
विवाद की पृष्ठभूमि और घटना का विवरण पुलिस सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृतक कृष्णकांत दुबे पिछले कुछ समय से अपनी साथी मालती साहू के साथ रायपुर में रह रहा था। आमागांव स्थित पैतृक जमीन को लेकर उसका अपने छोटे भाई दौलत दुबे के साथ काफी समय से मनमुटाव चल रहा था। 21 अप्रैल 2026 की शाम जब कृष्णकांत रायपुर से अपने गांव आमागांव पहुँचा, तो घर में जमीन के बंटवारे को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हुई। देखते ही देखते बातचीत गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई।
वारदात का खौफनाक मंजर
विवाद के दौरान दोनों भाइयों के बीच हाथापाई हुई:
हमला और जवाबी हमला: आवेश में आकर कृष्णकांत ने दौलत पर डंडे से वार किया, जिसके जवाब में दौलत ने घर के अंदर से हँसिया (धारदार हथियार) लाकर कृष्णकांत के हाथ और कंधे पर हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया।
कमरे में कैद: घायल कृष्णकांत को आरोपी दौलत ने धक्का देकर उस कमरे में धकेल दिया जहाँ धान और महुआ का भारी स्टॉक रखा हुआ था। आरोपी ने फौरन बाहर से दरवाजा बंद कर उसे कैद कर दिया।
जिंदा जलाने की साजिश: प्रत्यक्षदर्शी मालती साहू के अनुसार, दौलत पास की दुकान से पेट्रोल से भरा जेरिकेन लेकर आया। मालती ने जब उसे रोकने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उसके साथ भी मारपीट की। इसके बाद आरोपी ने कमरे के भीतर पेट्रोल छिड़ककर माचिस मार दी।
चीखें अनसुनी, गांव रहा मौन
कमरे में रखा महुआ और धान ज्वलनशील होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। प्रत्यक्षदर्शी मालती मदद के लिए चिल्लाती रही, गांव वालों को पुकारती रही, लेकिन डर या किसी अन्य कारण से कोई भी समय पर मदद के लिए आगे नहीं आया। कुछ ही देर में कमरे के भीतर से आ रही कृष्णकांत की चीखें शांत हो गईं।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद बागबाहरा पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुँची। जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक कृष्णकांत का शरीर पूरी तरह झुलस चुका था।

