उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन भूमि पर अतिक्रमण की कोशिश को वन विभाग ने नाकाम कर दिया। शुक्रवार सुबह सीतानदी (कोर) रेंज के घुरवाड़ क्षेत्र में दबिश देकर 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी जंगल में अवैध कब्जे की तैयारी कर रहे थे और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंचा रहे थे। वन अमले की टीम को जैसे ही अतिक्रमण की सूचना मिली, मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी जंगल की जमीन को साफ कर खेती योग्य बनाने की कोशिश में जुटे थे। कई स्थानों पर पेड़ों की कटाई के संकेत भी मिले हैं, जिससे पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने का खतरा था।
कोर एरिया में बढ़ा खतरा, वन्यजीवों पर असर
सीतानदी का यह इलाका टाइगर रिजर्व का कोर जोन है, जहां मानव गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहती हैं। ऐसे में यहां अतिक्रमण की कोशिश न केवल गैरकानूनी है, बल्कि वन्यजीवों के अस्तित्व के लिए भी गंभीर खतरा है। वन विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो दिन पहले महासमुंद में भी बड़ी कार्रवाई
वन भूमि पर कब्जे के मामलों में हाल के दिनों में तेजी आई है। दो दिन पहले महासमुंद जिले में वन विभाग ने 94 हेक्टेयर जमीन से अतिक्रमण हटाया था। इस दौरान 52 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। अधिकारियों के मुताबिक, तमोरा बीट के कक्ष क्रमांक 95 और 96 आरक्षित वन क्षेत्र में अतिक्रमण कर हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा था। आरोपी जमीन को समतल कर खेती के लिए तैयार कर रहे थे।
धमतरी में भी चला था अभियान
इससे पहले धमतरी जिले में भी वन विभाग ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की थी। दक्षिण सिंगपुर परिक्षेत्र के वनखंड क्रमांक 169, पालगांव-गोंदलानाल क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया था।
लगातार सख्ती का संकेत
वन विभाग की लगातार कार्रवाई से साफ है कि अब वन भूमि पर अतिक्रमण को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि टाइगर रिजर्व और आरक्षित वनों में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

