छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में आज रविवार (26 अप्रैल) की सुबह एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हुई। खड़गांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे 930 पर एक अनियंत्रित मालवाहन गाड़ी पलटने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ही परिवार के 11 अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार मोहला-मानपुर क्षेत्र का रहने वाला है। यह परिवार राजनांदगांव में आयोजित एक 'उर्स' कार्यक्रम में शामिल होने गया था। रविवार सुबह जब वे वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी बीटेझर और पैंदुर के बीच नेशनल हाईवे पर उनकी गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना जबरदस्त था कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही खड़गांव थाना प्रभारी संजय यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
नींद की झपकी बनी काल
पुलिस की प्राथमिक जांच में दुर्घटना का कारण मानवीय चूक बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि चालक पूरी रात उर्स के कार्यक्रम में जगा हुआ था। थकान और नींद पूरी न होने के कारण गाड़ी चलाते समय ड्राइवर को झपकी आ गई, जिससे वाहन पर से उसका नियंत्रण खो गया।
राहत और उपचार
हादसे में घायल सभी 11 लोगों को तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि:
4 लोगों की स्थिति अत्यंत गंभीर है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है।
बाकी घायलों का स्थानीय अस्पताल में उपचार जारी है।
पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने एक बार फिर वाहन चालकों से अपील की है कि थकान या नींद आने की स्थिति में वाहन न चलाएं, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।

