कांगेर घाटी नेशनल पार्क और वन विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के संजय मार्केट में वन्यप्राणियों की अवैध तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान तस्करों ने न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि जांच टीम पर हमला कर फरार होने की कोशिश भी की। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक अन्य की तलाश सरगर्मी से जारी है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया था जाल
यह पूरा मामला 27 अप्रैल का है, जब वन विभाग को गुप्त सूचना मिली कि संजय मार्केट में दुर्लभ प्रजाति के तोतों के बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त की जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कांगेर घाटी नेशनल पार्क के निदेशक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। तस्करों को भनक न लगे, इसके लिए उडऩदस्ता प्रभारी और कोलेंग परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में टीम सादे कपड़ों में बाजार पहुंची थी।
कार्रवाई के दौरान हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा
तफ्तीश के दौरान टीम ने सब्जी विक्रेता विक्रम मजूमदार को घेराबंदी कर पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके पास से 15 तोते बरामद हुए, जिनमें शामिल थे:
14 प्लम हेडेड पैराकीट (Plum-headed Parakeet)
01 रोज रिंग पैराकीट (Rose-ringed Parakeet)
जब अधिकारी अक्षय कश्यप और उनकी टीम जब्ती की कागजी कार्रवाई कर रही थी, तभी आरोपी विक्रम ने शोर मचाकर भीड़ इकट्ठा कर ली। भीड़ का फायदा उठाकर आरोपियों ने जांच दल प्रमुख पर हमला कर दिया और जब्त किए गए तोतों को लेकर मौके से चंपत हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारियां
सरकारी कर्मचारी पर हमले और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के उल्लंघन की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। अक्षय कश्यप की लिखित शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए घटना के कुछ ही घंटों के भीतर दो आरोपियों को दबोच लिया। अगले दिन दो और सहयोगियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
जांच का दायरा बढ़ा, सीसीटीवी खंगाल रही टीम
डीएफओ के निर्देशानुसार उपवनमण्डलाधिकारी जगदलपुर इस पूरे सिंडिकेट की जांच कर रहे हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है: "हम इस अवैध व्यापार की जड़ तक पहुँचने के लिए बाजार के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों द्वारा बनाए गए वीडियो साक्ष्यों का सहारा ले रहे हैं। वन्यप्राणियों की तस्करी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।"
इस घटना ने बाजार क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है और वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे प्रतिबंधित पक्षियों की खरीद-फरोख्त से दूर रहें और ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।
