नई दिल्ली दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी पहचान बनाकर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था और बाद में उन्हें ब्लैकमेल कर मोटी रकम ऐंठता था। आरोपी की पहचान 35 वर्षीय आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का रहने वाला बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से एक संगठित तरीके से “रोमांस स्कैम” और हनी-ट्रैपिंग जैसे अपराधों को अंजाम दे रहा था। वह अलग-अलग नामों और नकली प्रोफाइल का इस्तेमाल कर खुद को एक सफल, प्रतिष्ठित और भरोसेमंद व्यक्ति के रूप में पेश करता था, ताकि महिलाओं का विश्वास आसानी से जीत सके।
जांच में सामने आया है कि आरोपी डेटिंग ऐप्स के जरिए पहले महिलाओं से संपर्क करता था और धीरे-धीरे उनके साथ भावनात्मक रिश्ता बना लेता था। भरोसा जमने के बाद वह शादी का झांसा देता और फिर किसी न किसी बहाने जैसे मेडिकल इमरजेंसी, बिजनेस संकट, परिवारिक समस्या या करियर/दाखिले से जुड़ी जरूरतें बताकर पैसों की मांग शुरू कर देता था।
फर्जी प्रोफाइल बनाकर संपर्क
एक मामले में सामने आया कि आरोपी ने ‘वैभव अरोड़ा’ नाम से फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर पीड़िता से संपर्क किया था। शुरुआत में बातचीत डेटिंग ऐप पर हुई, जिसके बाद उसे इंस्टाग्राम और फिर व्हाट्सऐप पर ले जाया गया। अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर आरोपी लगातार पीड़िता से संपर्क में रहा और धीरे-धीरे उसे भावनात्मक रूप से अपने नियंत्रण में ले लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने ‘आनंद’ नाम से एक और फर्जी पहचान भी बनाई थी और खुद को पीड़िता के कथित दोस्त के रूप में पेश किया, जो शादी की प्रक्रिया में मदद कर रहा है। इसी बहाने उसने परिवारिक मुलाकात और शादी की तैयारियों का झूठा भरोसा दिलाकर कई बार पैसे मांगे। पीड़िता ने विश्वास में आकर उसे करीब सात लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
ई-एफआईआर दर्ज
बाद में जब पीड़िता ने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपी ने संपर्क तोड़ दिया। यहां तक कि उसने एक और चाल चलते हुए व्हाट्सऐप पर यह झूठा संदेश भिजवाया कि ‘वैभव’ नाम के व्यक्ति की मौत हो चुकी है, ताकि मामला पूरी तरह खत्म हो जाए और वह पकड़ा न जा सके।
पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर ई-एफआईआर दर्ज की गई और जांच के दौरान कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की तकनीकी निगरानी शुरू की गई। लगातार ट्रैकिंग और सर्विलांस के जरिए यह पता चला कि आरोपी से जुड़े मोबाइल नंबर पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना इलाके में सक्रिय हैं।
इसके बाद पुलिस टीम ने इलाके में कई दिनों तक छानबीन और छापेमारी की और आखिरकार एक सुनियोजित जाल बिछाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से चार स्मार्टफोन, आठ सिम कार्ड, तीन डेबिट कार्ड, और चार सोने के कंगन तथा पांच सोने की चेन बरामद हुई हैं, जिन्हें कथित तौर पर ठगी के पैसों से खरीदा गया था।
नेटवर्क की जांच
पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले भी इसी तरह के दो मामलों में शामिल रह चुका है और उसके नेटवर्क की जांच की जा रही है। आशंका है कि उसने इसी तरीके से कई अन्य महिलाओं को भी निशाना बनाया होगा, जिनकी पहचान और शिकायतों का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई
तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल नंबर ट्रैकिंग के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंची और पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना से उसे गिरफ्तार किया। उसके पास से:
- 4 स्मार्टफोन
- 8 सिम कार्ड
- 3 डेबिट कार्ड
- सोने के कंगन और चेन
मामला क्या है
- आरोपी अलग-अलग नकली नामों (जैसे “वैभव अरोड़ा”) से फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिलाओं से संपर्क करता था। पहले वह भरोसा और भावनात्मक रिश्ता बनाता, फिर शादी का झांसा देकर मेडिकल इमरजेंसी, बिजनेस समस्या या पारिवारिक जरूरतों का बहाना बनाकर पैसे मांगता था।
