बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मालवाहक वाहनों को यात्री परिवहन के रूप में इस्तेमाल करने की लापरवाह प्रवृत्ति एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है। वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र के अजगरा नाला के पास बारात लेकर जा रही एक पिकअप वाहन के अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा जाने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच इंजानी से उत्तर प्रदेश के बबनडीहा जा रही एक बारात पिकअप वाहन से रवाना हुई थी। इस वाहन में कुल छह लोग सवार थे। रास्ते में अजगरा नाला के पास अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई।
दोनों ने तोड़ दम
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। सभी घायलों को तत्काल वाड्रफनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां इलाज के दौरान रमकोला थाना क्षेत्र (जिला सूरजपुर) निवासी राजेंद्र गोड़ को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल कोटराही निवासी जीवनलाल पण्डो को प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर रेफर किया गया, लेकिन वहां इलाज के दौरान मंगलवार को उसने भी दम तोड़ दिया।
चालक मौके से फरार
इस दुर्घटना में अन्य सवारों को भी चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है। घटना के बाद पिकअप वाहन का चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। वाड्रफनगर पुलिस चौकी के एएसआई रामजीत राम ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों के शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया।
मालवाहको में ढोह रहे यात्री
पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वाहन को नियमों की अनदेखी करते हुए बारात ढोने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, जबकि यह एक मालवाहक वाहन था। यह हादसा एक बार फिर उस गंभीर समस्या की ओर ध्यान दिलाता है, जिसमें मालवाहक पिकअप और अन्य वाहनों को यात्री ढुलाई के लिए धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है।
नहीं लगा पा रहे अंकुश
खासकर शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर ऐसे वाहनों को ‘बाराती गाड़ी’ बना दिया जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद प्रभावी कार्रवाई और सख्ती की कमी के कारण इस तरह की लापरवाही पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन इस पर कड़ाई से नियम लागू करे तो भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सकता है और कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

