राजधानी को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में रायपुर नगर निगम ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। स्वच्छता मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोन-2 के स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया है। निगम की टीम ने रेलवे स्टेशन रोड और पुराने पंडरी बस स्टैंड मार्ग पर औचक निरीक्षण कर स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वाली 39 दुकानों पर 10 हजार रुपये का ई-चालान काटा।
जनशिकायत पर त्वरित एक्शन
यह कार्रवाई केवल एक रूटीन चेकअप नहीं थी, बल्कि नागरिकों से मिल रही लगातार शिकायतों का परिणाम थी। स्थानीय निवासियों और राहगीरों ने इन व्यावसायिक क्षेत्रों में फैल रही गंदगी और दुकानदारों द्वारा डस्टबिन का उपयोग न करने की सूचना निगम को दी थी।
निगम आयुक्त विश्वदीप के कड़े निर्देशों के पालन में, जोन-2 कमिश्नर संतोष पाण्डेय के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। स्वास्थ्य अधिकारी रवि लावनिया के नेतृत्व में इस टीम ने पूरे क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि कई प्रतिष्ठित दुकानों में भी कचरा संग्रहण के लिए डस्टबिन की व्यवस्था नहीं थी और कचरा सीधे सड़कों पर फेंका जा रहा था। टीम ने मौके पर ही चालान काटते हुए सभी दुकानदारों को भविष्य में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2026: 'मोटू-पतलू' ने दिया स्वच्छता का संदेश
केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि नगर निगम नागरिकों के व्यवहार में बदलाव लाने के लिए रचनात्मक तरीके भी अपना रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों के मद्देनजर शहर में एक भव्य 'स्वच्छता जनजागरण रैली' का आयोजन किया गया। इस रैली की खासियत इसमें शामिल कलाकार रहे, जिन्होंने मोटू-पतलू जैसे लोकप्रिय कार्टून किरदारों का वेश धरकर बच्चों और बड़ों को सफाई के प्रति जागरूक किया।
इस जागरूकता अभियान में जनप्रतिनिधियों, स्वच्छता दीदियों और सफाई मित्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रैली के माध्यम से लोगों को यह समझाया गया कि स्वच्छता केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक साझा नागरिक कर्तव्य है।
'4-डिब्बा प्रणाली' अपनाने की अपील
निगम प्रशासन ने शहरवासियों से कचरा प्रबंधन के आधुनिक मानकों को अपनाने का आग्रह किया है। इसके तहत '4-डिब्बा प्रणाली' पर विशेष जोर दिया गया है, जिसमें कचरे को चार श्रेणियों में बांटने की सलाह दी गई है:
गीला कचरा
सूखा कचरा
सेनेटरी वेस्ट
विशेष/घातक कचरा
"शहर की सुंदरता और स्वास्थ्य हमारे हाथों में है। यदि नागरिक कचरा अलग-अलग करके निगम की गाड़ियों को देंगे, तो प्रोसेसिंग आसान होगी और रायपुर स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष पर आएगा।" — निगम प्रशासन
नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि जागरूकता के साथ-साथ सख्ती भी जारी रहेगी। यदि भविष्य में भी सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकना या डस्टबिन न रखना पाया गया, तो जुर्माने की राशि बढ़ाई जा सकती है।

