नेशनल हाईवे-53 एक बार फिर बेगुनाह खून से लाल हो गया है। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम उमरिया के पास एक तेज रफ्तार हाइवा ने मोटर साइकिल सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना वीभत्स था कि हाइवा के भारी टायरों के नीचे दबने से दोनों युवकों के शरीर सड़क पर ही बिखर गए। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के लिए उनकी शिनाख्त करना भी एक चुनौती बन गया।
हादसे का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों युवक अपनी होंडा मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 04 LH 2236) पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से काल बनकर आ रहे रेत से लदे हाइवा (क्रमांक CG 04 QW 9904) के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों ने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवारों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और हाइवा उन्हें कुचलते हुए कई फीट आगे निकल गया। दुर्घटना के तुरंत बाद चालक मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया।
भारी वाहनों की 'होड़' बनी मौत का कारण
इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि रेत के अवैध और वैध परिवहन में लगे हाइवा चालक ज्यादा फेरे (ट्रिप) लगाने के चक्कर में सड़क पर मौत का खेल खेलते हैं। अधिक कमाई की लालसा में ये वाहन चालक न तो गति सीमा का पालन करते हैं और न ही सुरक्षा मानकों का।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
हादसे के बाद सड़क पर पसरे सन्नाटे और दहशत के बीच ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि:
नेशनल हाईवे पर भारी वाहनों की गति निर्धारित करने के लिए स्पीड गवर्नर और सीसीटीवी की निगरानी बढ़ाई जाए।
रिहायशी इलाकों और ग्राम उमरिया जैसे संवेदनशील मोड़ों पर पुलिस गश्त तेज हो।
फरार हाइवा चालक की जल्द गिरफ्तारी कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, मंदिर हसौद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और वाहनों के नंबरों के आधार पर जांच जारी है। यह हादसा एक बार फिर प्रशासन को चेतावनी दे रहा है कि यदि सड़कों पर इन 'रफ्तार के सौदागरों' पर लगाम नहीं कसी गई, तो ऐसे मासूम लोग असमय काल के गाल में समाते रहेंगे।

