केरल में त्रिशूर से
30 किलोमीटर दूर
मुंडाथिकोड में एक पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भयानक धमाके में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई है. वहीं, इस धमाके में 40 से अधिक मजदूर घायल बताए जा रहे हैं. यहां
आने वाले त्रिशूर पूरम के थिरुवंबाडी सेक्शन की तैयारी चल रही थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है.
उन्होंने घोषणा की है कि हर मृतक के परिवार को प्रधान मंत्री राष्ट्रीय राहत कोष
से 2 लाख रुपये की मदद दी
जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.
पीएम मोदी ने एक्स पर कहा कि, केरल के त्रिशूर में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए
हादसे में लोगों की मौत की खबर सुनकर दुख हुआ. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को
खोया है, उनके प्रति मेरी
गहरी संवेदनाएं. उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की.
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सभी ज़रूरी मेडिकल मदद देने का
निर्देश दिया है और अधिकारियों को मिलकर बचाव और राहत का काम पक्का करने को कहा
है. उन्होंने यह भी बताया है कि गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए राज्य के बाहर के
एक्सपर्ट डॉक्टरों की मदद ली जा सकती है.
इस हादसे के बाद, जिला कलेक्टर ने घटना की आधिकारिक तौर पर विस्तृत मजिस्ट्रेट
जांच के आदेश दिए हैं. सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के तौर पर काम कर रहे त्रिशूर
रेवेन्यू डिविजनल ऑफिसर को जांच का काम सौंपा गया है. यह जांच धमाके की खास वजह का
पता लगाने और इस हादसे के बड़े नतीजों का पता लगाने पर फोकस करेगी, क्योंकि बचाव टीमें मौके पर अपना काम जारी
रखे हुए हैं.
इससे पहले , त्रिशूर मेडिकल कॉलेज के हॉस्पिटल अधिकारियों ने पुष्टि करते
हुए बताया कि, आपातकालीन इलाज के
दौरान गंभीर रूप से घायल तीन लोगों की मौत के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर छह
हो गई थी, जो अब बढ़कर 13 हो गई है.
अधिकारियों ने गहरी चिंता जताई है कि मरने वालों की संख्या और
बढ़ सकती है, क्योंकि 40 घायल मजदूरों में से कई लोगों की हालत बहुत
गंभीर है. धमाके से मलबे में तब्दील हुए फैक्ट्री के अंदर कई धमाके होने की खबर है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी परेशानी
उत्पन्न हो रही है. खबर के मुताबिक, फैक्ट्री के अंदर दम घोंटने वाले धुएं के कारण बचाव अभियान में
दिक्कतें पैदा हो गई हैं.
ऐसी खबरें हैं कि कई मजदूर अभी भी ढहे हुए गोदाम के मलबे के
नीचे फंसे हुए हैं, जिसमें त्योहार के
मुख्य डिस्प्ले के लिए भारी मात्रा में बारूद रखा गया था. वहीं, इस घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री वीना
जॉर्ज ने इस मुश्किल से निपटने के लिए खास मेडिकल मदद भेजने का आदेश दिया है, जिसमें और 108 एम्बुलेंस भी शामिल हैं.
धमाका इतना जोरदार था कि उसने पूरी जगह को तहस-नहस कर दिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और टीमें
खराब हालात में भी खंडहरों के अंदर लापता लोगों को निकालने के लिए जूझ रही हैं.
मरने वालों की संख्या बढऩे के आसार हैं.
पटाखा फैक्ट्री में आग : 13 की मौत, 40 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे
हादसे के बाद, जिला कलेक्टर ने घटना की आधिकारिक तौर पर विस्तृत मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के तौर पर काम कर रहे त्रिशूर रेवेन्यू डिविजनल ऑफिसर को जांच का काम सौंपा गया है.
अनुशंसित खबरें
दिव्य कुंड : जहां का पानी पीने से मोक्ष मिलने का दावा, जानिए कैसे और कब पहुंचें यहां
जंगल हादसा: बायसन के हमले में दो महिलाओं की मौत, एक गंभीर रूप से घायल
नया विकल्प : इंदौर–मुंबई के बीच नई एसी स्पेशल ट्रेन शुरू, यात्रियों को मिली बड़ी राहत
IPL 2026 : 100 पर खत्म हुई कहानी, लेकिन असली सवाल अभी बाकी है… पढ़िए यहां, हार के बाद क्या कह गए शुभमन गिल

