छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले का देवभोग क्षेत्र इन दिनों किसी अनहोनी की आशंका से सहमा हुआ है। पिछले 36 घंटों के भीतर इलाके में तीसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, जिसने स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।
दोपहर को फिर कांपी धरती
ताजा जानकारी के अनुसार, आज दोपहर करीब 2:20 बजे अचानक जमीन में कंपन महसूस किया गया। जैसे ही लोगों को अहसास हुआ कि धरती कांप रही है, पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घरों के भीतर काम कर रहे लोग शोर मचाते हुए फौरन खुले मैदानों की ओर भागे। डर का आलम यह है कि लोग अब पक्के मकानों के नीचे बैठने से भी कतरा रहे हैं।
लगातार झटकों का सिलसिला
देवभोग में भूगर्भीय हलचल का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है:
पहला झटका: एक दिन पहले महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 0.7 मापी गई थी।
दूसरा झटका: बीती रात लगभग 7:20 बजे लोग फिर सहम गए।
तीसरा झटका: आज दोपहर 2:20 बजे एक बार फिर जमीन डोली।
भले ही रिक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता कम रही हो, लेकिन बार-बार हो रहे इन कंपनों ने मनोवैज्ञानिक रूप से लोगों को डरा दिया है।

जान-माल का नुकसान नहीं, पर बढ़ी चिंता
राहत की बात यह है कि इन झटकों से अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान या मकानों में दरार आने की खबर नहीं मिली है। हालांकि, बुजुर्गों और बच्चों में घबराहट साफ देखी जा रही है। कई परिवार तो इतने डरे हुए हैं कि वे रात का समय अपने घरों के बाहर खुले आसमान के नीचे गुजार रहे हैं।
प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, घबराएं नहीं
लगातार हो रही इस गतिविधि को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ने क्षेत्र पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ये हल्के झटके किसी भूगर्भीय बदलाव का संकेत हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल किसी बड़ी तबाही की कोई तत्काल संभावना नहीं है। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
