भिलाई में अवैध प्लॉटिंग और सरकारी जमीन पर कब्जे की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नगर पालिक निगम लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी क्रम में मंगलवार को वैशाली नगर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई, जहां निगम की टीम ने अवैध रूप से तैयार की गई बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया।
यह कार्रवाई जोन-2 अंतर्गत वार्ड क्रमांक 20, बाबादीप सिंह नगर इलाके में की गई। जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों और वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने इस अवैध गतिविधि की शिकायत निगम प्रशासन को दी थी। शिकायत मिलते ही निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग और बेदखली टीम को तत्काल मौके पर भेजने के निर्देश दिए।
जांच में सामने आई अवैध प्लॉटिंग
निगम की टीम ने जब मौके पर पहुंचकर जांच की तो पाया कि खाली पड़ी जमीन पर बिना किसी वैध अनुमति के बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई थी। इसके अलावा जमीन पर मुरूम डालकर उसे छोटे-छोटे प्लॉटों में बांटा जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि इन अवैध प्लॉटों को कुछ लोगों को बेचने की कोशिश की जा रही थी।
अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की प्लॉटिंग पूरी तरह नियमों के खिलाफ है और इससे आम लोगों को भविष्य में कानूनी व आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जेसीबी से हटाया गया निर्माण, सामग्री जब्त
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निगम की टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। मौके पर जेसीबी मशीन की मदद से पूरी बाउंड्रीवाल को गिरा दिया गया। साथ ही वहां रखी निर्माण सामग्री को भी जब्त कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और बेदखली दस्ते के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
लगातार मिल रही शिकायतें
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू ने बताया कि शहर में अवैध प्लॉटिंग की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि आगे भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि अवैध कब्जों और धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके।
नागरिकों से अपील
निगम अधिकारियों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले सभी वैध दस्तावेजों की पूरी जांच जरूर करें। बिना अनुमति और दस्तावेजों के किसी भी जमीन की खरीद-फरोख्त न करें, वरना भविष्य में कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
इसके साथ ही निगम ने यह भी कहा है कि अगर कहीं भी इस तरह की संदिग्ध या अवैध प्लॉटिंग की गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत नगर निगम प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

