रिश्तों की पवित्रता को कलंकित करने वाला एक बड़ा मामला रायगढ़ के महिला थाने में सामने आया है। शादी का सपना दिखाकर एक युवती को महीनों तक अपनी हवस का शिकार बनाने वाले आरोपी को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपी ने न केवल पीड़िता का शारीरिक शोषण किया, बल्कि गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर उसे अपनाने से साफ इनकार कर दिया।
दिल्ली से शुरू हुआ प्रेम का जाल
मामले की जड़ें अप्रैल 2025 में देश की राजधानी दिल्ली से जुड़ी हैं। पीड़िता वहां काम करती थी, जहां उसकी मुलाकात रायगढ़ निवासी बादल सारथी (उम्र 20 वर्ष) से हुई। आरोपी बादल ने युवती को अपने प्रेम जाल में फंसाया और शादी का झूठा वादा कर उसे रायगढ़ ले आया।
रायगढ़ लौटने के बाद, आरोपी ने उसे अपने घर में करीब तीन महीनों तक पत्नी की तरह रखा। इस दौरान वह लगातार शादी का झांसा देकर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा।
गर्भवती होने पर बदल गए तेवर
पीड़िता जब भी सामाजिक तौर पर शादी करने का दबाव बनाती, आरोपी टालमटोल करता और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। जनवरी 2026 में पीड़िता वापस दिल्ली चली गई, लेकिन आरोपी वहां भी पहुंच गया और एक महीने तक साथ रहा।
मार्च 2026: पीड़िता ने जब आरोपी को अपने गर्भवती होने की सूचना दी, तो उसने फिर से शादी का झूठा आश्वासन दिया।
धोखा: 24 मार्च 2026 को आरोपी बिना बताए दिल्ली से भागकर रायगढ़ आ गया।
तिरस्कार: 2 अप्रैल को जब पीड़िता खुद रायगढ़ पहुंची और आरोपी के घर गई, तो बादल ने उसे घर में घुसने तक नहीं दिया और शादी करने से पूरी तरह मुकर गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
21 अप्रैल को न्याय की आस में पीड़िता ने महिला थाने की शरण ली। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर तत्काल अपराध क्रमांक 33/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 (शादी का वादा कर यौन शोषण) के तहत मामला दर्ज किया गया।
डीएसपी उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त की टीम ने तत्काल दबिश देकर आरोपी बादल सारथी को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जांच टीम की मुख्य भूमिका
इस सफल कार्रवाई में निम्नलिखित अधिकारियों व कर्मियों का विशेष योगदान रहा:
उप निरीक्षक: कुसुम कैवर्त
एएसआई: सरस्वती महापात्रे एवं विल्फ्रेड मसीह
प्रधान आरक्षक: संदीप भगत एवं राजेश उरांव

